



पुष्कर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बुधवार को पुष्कर में आयोजित शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सपत्नीक यज्ञ प्रदक्षिणा की और गायत्री मंदिर में षोडषोपचार विधि से पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सनातन संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे विश्व कल्याण और मानव उत्थान का सशक्त माध्यम बताया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सनातन संस्कृति न केवल भारत की पहचान है, बल्कि यह पूरे विश्व को सुरक्षित और संतुलित रखने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महायज्ञों के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान का प्रसार होता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा और संस्कारों का संचार करता है। उन्होंने भावी पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और कहा कि यह उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए संतों और आचार्यों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महायज्ञ के प्रणेता प्रखर महाराज और संत श्री राघवाचार्य जी से आशीर्वाद प्राप्त कर उनका अभिनंदन भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जप और पाठशाला स्थल का भी अवलोकन किया।
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, विधायक शत्रुघ्न गौतम, शंकर सिंह रावत, रामस्वरूप लांबा, वीरेंद्र सिंह कानावत सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पुष्कर सरोवर पहुंचे, जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना की। इस पूरे आयोजन को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।