



जयपुर। सवाई मानसिंह अस्पताल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन और पूर्व अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर 3 साल पहले चिकित्सा विभाग ने 8 अप्रैल बुधवार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के प्रस्ताव को चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके बाद चिकित्सा विभाग नेडॉक्टर अचल शर्मा की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के आदेश जारी किए। डॉ. शर्मा वर्ष 2029 में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उन्होंने तीन वर्ष पहले ही सेवा से अलग होने का निर्णय लिया, जिससे चिकित्सा जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
डॉ. अचल शर्मा ने कुछ महीने पहले ही सरकार को VRS के लिए आवेदन दिया था, जिस पर लंबे समय से निर्णय लंबित था। अब औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके आवेदन को स्वीकृति दे दी गई है। वे जयपुर के प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जनों में गिने जाते हैं और एसएमएस अस्पताल में महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
गौरतलब है कि डॉ. शर्मा उस समय सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने अस्पताल में सामने आए किडनी कांड की शिकायत सरकार और एसीबी स्तर पर की थी। उनके इस खुलासे के बाद मामला सार्वजनिक हुआ और व्यापक जांच शुरू हुई। हालांकि इस मामले के उजागर होने के बाद उन्हें अधीक्षक पद से हटा दिया था।
डॉ. शर्मा एसएमएस मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी विभाग के प्रमुख (HOD) भी रह चुके हैं और उन्होंने लंबे समय तक चिकित्सा सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके अचानक VRS लेने के फैसले को लेकर चिकित्सा और प्रशासनिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं।