



जयपुर। जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में आईपीएल 2026 को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। स्टेडियम की कुल 9 पिचों में से बीच की तीन पिचों को आईपीएल के 4 मैचों के लिए तैयार किया जा रहा है। बुधवार को शुभ मुहूर्त में पिच और मशीनरी की पूजा-पाठ के साथ तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ किया गया। क्यूरेटर तापोश चटर्जी की देखरेख में ग्राउंड्समैन की टीम लगातार मैदान को तैयार करने में जुटी हुई है।
क्यूरेटर तापोश चटर्जी ने बताया कि पिच तैयार करना एक पूरी तरह वैज्ञानिक प्रक्रिया है, जिसमें समय, तकनीक और अनुभव का विशेष महत्व होता है। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए पिच तैयार करने में करीब दो महीने का समय लगता है। इसमें मिट्टी की गुणवत्ता, घास की मजबूती और मौसम के अनुसार देखभाल जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जाता है।
पिच की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनपीके (नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटेशियम) आधारित फर्टिलाइजेशन का उपयोग किया जाता है, जिससे घास को फंगस से बचाया जा सके और उसकी मजबूती बनी रहे। इसके अलावा नियमित रोलिंग, पानी देना और कटिंग जैसी प्रक्रियाएं भी की जाती हैं ताकि गेंद और बल्ले के बीच संतुलन बना रहे। बताया गया कि स्टेडियम की मौजूदा घास को लगभग 20 साल हो चुके हैं और इसे बदलने की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है, जिसके लिए वैज्ञानिक तरीकों से नई घास लगाने की योजना बनाई जाएगी।
शुभ मुहूर्त में पंडित लोकेश कुमार कौशिक ने भगवान गणेश की पूजा के साथ पिच और मशीनरी का पूजन कराया। पंचांग के अनुसार बुधवार, छठ तिथि और अनुकूल चंद्र स्थिति के चलते यह समय शुभ माना गया। पूजा के दौरान आईपीएल 2026 के सफल आयोजन की कामना की गई।
गर्मियों के मौसम में घास की ग्रोथ तेजी से होती है, इसलिए उसकी नियमित देखभाल जरूरी होती है। साथ ही पिच से छोटे पत्थरों और फंगस को हटाना भी जरूरी होता है ताकि खिलाड़ियों को किसी तरह की परेशानी न हो। क्यूरेटर और उनकी टीम दिन-रात मेहनत कर यह सुनिश्चित कर रही है कि आईपीएल मैचों के लिए खिलाड़ियों को बेहतरीन और संतुलित पिच उपलब्ध हो सके।