



जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजस्थानी भाषा में मास्टर डिग्री की बढ़ी हुई फीस को लेकर चल रहा छात्रों का विरोध प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। पिछले छह दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद भाजपा विधायक एवं यूनिवर्सिटी सिंडिकेट सदस्य गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और छात्रों की मांगों को उचित बताते हुए समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद उन्होंने छात्रों को नारियल पानी पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त करवाई।
छात्रों का आरोप है कि राजस्थानी भाषा में मास्टर डिग्री करने के लिए उन्हें हर साल 50 हजार रुपए से अधिक फीस देनी पड़ रही है। इसमें सेमेस्टर एडमिशन फीस लगभग 10,070 रुपए, प्रति सेमेस्टर परीक्षा शुल्क करीब 2000 रुपए और अन्य शुल्क शामिल हैं। वहीं दूसरी ओर यूनिवर्सिटी में फ्रेंच, इटैलियन और स्पेनिश जैसी विदेशी भाषाओं के डिप्लोमा और पोस्ट डिप्लोमा कोर्स की फीस मात्र 10 से 14 हजार रुपए सालाना है। इसी असमानता को लेकर छात्र लंबे समय से विरोध कर रहे थे।
मांगों पर सुनवाई नहीं होने के कारण 30 अप्रैल से छात्र पूजा और लोकेंद्र कुलपति सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठ गए थे। लगातार भूखे रहने के कारण शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
स्थिति गंभीर होने पर दोनों छात्रों को प्राथमिक उपचार के लिए सवाई मानसिंह अस्पताल भेजा गया। विधायक गोपाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को उचित बताते हुए जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्रों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया।
यह मामला अब भी यूनिवर्सिटी प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है, जहां फीस संरचना में संतुलन और पारदर्शिता की मांग तेज हो गई है।
राजस्थानी भाषा और संस्कृति का स्वतंत्र विभाग होना ही चाहिए। मैं समस्त छात्रों को आश्वस्त करता हूं कि भाजपा सरकार इसके लिए पूरी तरह से कृत संकल्पित है। #राजस्थानी_भाषा #Rajasthan_University #GopalSharma #thankogopal pic.twitter.com/pGXrVEFoZH
— Dr. Gopal Sharma (@DrGopal_Sharma) April 4, 2026