



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2026 की शुरुआत में ही प्रदेश के बजट को लेकर बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट विजन है कि आगामी बजट सर्वस्पर्शी और समावेशी हो, जिसमें समाज के हर वर्ग—गरीब, युवा, अन्नदाता (किसान) और महिलाएं—के हितों को प्राथमिकता मिले। यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “गरीब–युवा–अन्नदाता–महिला” की संकल्पना को केंद्र में रखकर तैयार किया जाएगा, ताकि राजस्थान का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो और प्रदेश नई उड़ान का प्रतीक बन सके।
इसी उद्देश्य से मुख्यमंत्री शुक्रवार 2 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री निवास पर विधायकों और विधायक प्रत्याशियों के साथ बजट पूर्व संवाद कर रहे हैं। सुबह 11:00 बजे से बैठकों का क्रम शुरू हुआ, जो देर रात तक चलेगा। दिन भर जोधपुर संभाग के विधायकों और विधायक प्रत्याशियों से जिलेवार संवाद किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर की आवश्यकताओं, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं और विकास की वास्तविक स्थिति को सीधे समझा जा सके।
मुख्यमंत्री का विजन है कि प्रदेश की सभी 200 विधानसभाओं से प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर विकास के पैमानों का आकलन किया जाए और उसी के अनुरूप बजट की रूपरेखा तय हो। इस प्रक्रिया में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, बुनियादी ढांचा, महिला सशक्तिकरण और युवा कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना है कि जब जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी से बजट तैयार होगा, तो योजनाएं अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और परिणामोन्मुखी बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व के बजटों में भी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सभी विधानसभाओं को समान रूप से संसाधन उपलब्ध कराए, बिना किसी क्षेत्रीय या राजनीतिक भेदभाव के। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस बार भी सरकार का लक्ष्य है कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज न होकर, प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बने।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वर्ष की शुरुआत में ही बजट पर इस तरह का व्यापक संवाद मुख्यमंत्री की सशक्त प्रशासनिक सोच और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दर्शाता है। इससे न केवल विधायकों की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि बजट को लेकर पारदर्शिता और भरोसा भी मजबूत होगा।