Thursday, 08 January 2026

राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षकों के सामूहिक तबादलों पर उठाए गंभीर सवाल, प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर लगाई रोक


राजस्थान हाईकोर्ट ने शिक्षकों के सामूहिक तबादलों पर उठाए गंभीर सवाल, प्रिंसिपल के ट्रांसफर पर लगाई रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक रिपोर्टेबल ऑर्डर में प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी के अभाव, शैक्षणिक सत्र के बीच शिक्षकों के सामूहिक तबादलों और राजस्थान सिविल सर्विस अपीलेट ट्रिब्यूनल (रेट) की कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी की है। 

जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने प्रिंसिपल हरगोविंद मीणा के ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि सरकार को शिक्षा कैलेंडर की पूरी जानकारी होने के बावजूद सितंबर माह में शैक्षणिक सत्र के बीच 4,527 सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रिंसिपलों के सामूहिक तबादले नहीं करने चाहिए थे। अदालत ने इसे निंदनीय परंपरा बताते हुए कहा कि ऐसे तबादलों का असर केवल शिक्षकों पर ही नहीं, बल्कि हजारों स्कूलों और विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी पड़ता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के तबादले समर वेकेशन के दौरान किए जाने चाहिए।
हाईकोर्ट ने रेट की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि याचिकाकर्ता का पांच महीने में दूसरी बार तबादला किया गया, फिर भी रेट ने मामले के गुण-दोष पर विचार नहीं किया और समान मामलों में दिए गए अपने ही आदेशों से अलग रुख अपनाया। कोर्ट ने कार्मिक विभाग को निर्देश दिए कि रेट के चेयरमैन और सदस्यों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि निष्पक्षता और संवैधानिक मूल्यों का पालन सुनिश्चित हो सके।

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