



जोधपुर। नागौर से पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा का गुरुवार को जोधपुर स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से राजनीतिक, सामाजिक और मिर्धा परिवार से जुड़े समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। भानुप्रकाश मिर्धा ने 11वीं लोकसभा में नागौर लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था और अल्प कार्यकाल के बावजूद क्षेत्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई।
भानुप्रकाश मिर्धा वर्ष 1997 में अपने पिता, वरिष्ठ किसान नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद हुए नागौर लोकसभा उपचुनाव में पहली बार सांसद बने थे। इस उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए कांग्रेस प्रत्याशी रामनिवास मिर्धा को पराजित किया था। इस जीत को नागौर क्षेत्र में भाजपा की राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाता है। उनका संसदीय कार्यकाल वर्ष 1997 से 1998 तक रहा।
परिजनों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, भानुप्रकाश मिर्धा का अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर एक बजे जोधपुर में चौपासनी रोड स्थित मिर्धा फार्म हाउस पर किया जाएगा। उनके पुत्र मनीष मिर्धा ने बताया कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से उनके पार्थिव शरीर को फार्म हाउस पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जहां विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक प्रतिनिधि और आमजन उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद हुए 1997 के उपचुनाव में भानुप्रकाश मिर्धा की विजय ने न केवल पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया, बल्कि नागौर लोकसभा क्षेत्र में भाजपा के लिए नई राजनीतिक जमीन भी तैयार की। उनके निधन को क्षेत्रीय राजनीति के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
