



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गत सरकार के कार्यकाल में सामने आए पेपर लीक और राजस्थान लोक सेवा आयोग से जुड़े भ्रष्टाचार काण्ड में उजागर हुए नए तथ्यों को अत्यंत गंभीरता से लिया है। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए मुख्यमंत्री ने इन नए तथ्यों के आलोक में विशेष अनुसंधान दल (एसओजी) से गहन जांच कराते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
गुरुवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री शर्मा ने मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित एसओजी और एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपलब्ध नए साक्ष्यों के आधार पर तत्काल प्रभाव से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर एसओजी के साथ एसीबी को भी जांच में सम्मिलित करने के निर्देश दिए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और प्रभावी जांच हो सके।
मुख्यमंत्री शर्मा ने दो टूक कहा कि गत सरकार के समय युवाओं के सपनों को रौंदते हुए पेपर लीक कराने वाले अब तक 340 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं और आगे भी सरकार किसी भी दोषी को नहीं छोड़ेगी—चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। उन्होंने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 296 भर्ती परीक्षाएं आयोजित की गईं और इनमें से एक भी परीक्षा में पेपर लीक की घटना नहीं हुई है। यह सरकार की पारदर्शिता और सख्त निगरानी व्यवस्था का प्रत्यक्ष प्रमाण है।