



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के स्टार्टअप्स और युवा उद्यमियों को फंडिंग व मेंटरिंग का अंतरराष्ट्रीय अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4 से 6 जनवरी तक जयपुर में राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस तीन दिवसीय समिट के माध्यम से राजस्थान आईटी और स्टार्टअप विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान को और सशक्त करेगा। मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग को निर्देश दिए कि आयोजन से जुड़ी सभी तैयारियां आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण की जाएं।
मुख्यमंत्री शर्मा गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहली बार इतने बड़े स्तर पर आयोजित हो रही इस समिट में 10 हजार से अधिक प्रतिभागियों की भागीदारी प्रस्तावित है। इनमें देश-विदेश के स्टार्टअप्स, निवेशक, युवा उद्यमी, आईटी प्रोफेशनल्स, शिक्षण संस्थान, विद्यार्थी तथा विभिन्न राज्यों के सूचना प्रौद्योगिकी और उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। यह मंच नेटवर्किंग, निवेश और नवाचार के लिए एक समग्र इको-सिस्टम उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस समिट में 1,200 से अधिक वैश्विक कंपनियों के फाउंडर, सीईओ और निवेशक भाग लेंगे। साथ ही 20 से अधिक यूनिकॉर्न/सूनीकॉर्न स्टार्टअप्स के संस्थापक भी उपस्थित रहेंगे। समिट के दौरान स्टार्टअप्स को फंडिंग और दीर्घकालिक मेंटरिंग के अवसर मिलेंगे। सेक्टोरल सेशंस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सहित उभरते तकनीकी विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की जाएगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि बीते दो वर्षों में राज्य सरकार द्वारा लिए गए नीतिगत निर्णयों से राजस्थान में स्टार्टअप और तकनीक आधारित विकास का नया इको-सिस्टम तैयार हुआ है। इस समिट के जरिए प्रदेश के स्टार्टअप्स को 200 करोड़ रुपये से अधिक के संभावित निवेश के अवसर मिलेंगे। साथ ही, राजस्थान के आई-स्टार्ट कार्यक्रम में चयनित स्टार्टअप्स को एक वर्ष की मेंटरशिप भी प्रदान की जाएगी। फिनटेक, ई-कॉमर्स, एग्रीटेक, हेल्थटेक, प्रोपटेक, एवीजीसी, मीडियाटेक, स्पोर्ट्सटेक, एआई-एमएल और डीपटेक जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित सेक्टोरल सेशंस में उद्योग विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने यह भी बताया कि समिट में विभिन्न राज्यों तथा राजस्थान के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के पवेलियन लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से प्रतिभागियों को नीतियों और अवसरों की जानकारी मिलेगी। इसके अतिरिक्त 114 स्टार्टअप स्टॉल्स के जरिए नवाचारों को वैश्विक पहचान दिलाने का मंच उपलब्ध होगा।
राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट 2026 के अंतर्गत राजस्थान रीजनल एआई इम्पेक्ट कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें एआई विषय पर आधारित विशेष सेक्टोरल सेशंस होंगे। यह कॉन्फ्रेंस केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए भारत को एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शर्मा के नेतृत्व में अप्रैल 2025 में राजस्थान डेटा सेंटर पॉलिसी और दिसंबर 2024 में राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी लागू की गई। इसी क्रम में 6 जनवरी को डिजिफेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी जारी की जाएगी, जो प्रदेश में उन्नत तकनीकों के विकास को नई गति देगी।
बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग एवं वाणिज्य, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा टाई राजस्थान के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।