Friday, 02 January 2026

स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार,पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता व जागरूकता बढ़ाने के निर्देश : भजनलाल शर्मा


स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के आधार,पंच गौरव कार्यक्रम में जन सहभागिता व जागरूकता बढ़ाने के निर्देश : भजनलाल शर्मा

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जिला आधारित स्थानीय उत्पाद प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के मूल आधार हैं। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले की स्थानीय विशिष्टता और विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पंच गौरव कार्यक्रम की अभिनव पहल की है। यह कार्यक्रम स्थानीय संसाधनों को पहचान देने के साथ-साथ रोजगार, उद्यमिता और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा प्रदान करेगा।

गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री शर्मा ने निर्देश दिए कि पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में चिन्हित तत्वों के लिए प्राथमिकता के अनुसार दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि विकास एवं संरक्षण से जुड़े कार्य समयबद्ध रूप से पूरे हों और संबंधित नोडल विभाग इसकी नियमित समीक्षा सुनिश्चित करें, ताकि कार्यक्रम का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री शर्मा ने विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को पंच गौरव कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को अपने जिले की विशिष्ट पहचान, परंपरा और सामर्थ्य को समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही, कार्यक्रम की गतिविधियों में अधिकाधिक जन सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि आमजन का सीधा जुड़ाव ही इस पहल की सफलता की कुंजी है।

नवाचारों से उत्पादों की ब्रांडिंग पर जोर

मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि सभी जिलों के चयनित कृषि उत्पादों की नवाचारों के साथ ब्रांडिंग की जाए, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल सके। उन्होंने वन विभाग को स्थानीय विशेषताओं के अनुरूप पौधे तैयार करने और ‘वृक्ष मित्र’ विकसित करने के निर्देश दिए। वहीं, खेल विभाग को प्रत्येक जिले में स्थानीय युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।

पर्यटन सुविधाएं हों सुदृढ़, बढ़ें स्थानीय रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘एक जिला–एक पर्यटन स्थल’ की अवधारणा के तहत पर्यटन स्थलों पर सड़क, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। साथ ही, पर्यटन क्षेत्र से जुड़े गाइड और अन्य हितधारकों के क्षमतावर्द्धन के लिए नीति निर्धारण पर भी बल दिया।

उल्लेखनीय है कि पंच गौरव कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक जिले में एक उत्पाद, एक उपज, एक खेल, एक वनस्पति और एक पर्यटन स्थल को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके माध्यम से स्थानीय एवं विशिष्ट उत्पादों के संरक्षण, संवर्धन, प्रोत्साहन और पहचान को बढ़ावा मिल रहा है। बैठक में अधिकारियों ने कार्यक्रम के तहत संचालित गतिविधियों की विस्तृत जानकारी भी प्रस्तुत की। बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित मुख्यमंत्री कार्यालय, उद्योग, वन एवं पर्यावरण, पर्यटन, कृषि, खेल एवं आयोजना विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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