Thursday, 15 January 2026

टिब्बी हिंसा पर ADG वीके सिंह का बयान: बाहरी लोगों ने भड़काया उपद्रव, 100 से अधिक नामजद FIR, 40 हिरासत में,प्रशासन–किसान वार्ता जारी, तनाव बरकरार


टिब्बी हिंसा पर ADG वीके सिंह का बयान: बाहरी लोगों ने भड़काया उपद्रव, 100 से अधिक नामजद FIR, 40 हिरासत में,प्रशासन–किसान वार्ता जारी, तनाव बरकरार

हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी क्षेत्र में ड्यून एथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड फैक्ट्री को लेकर उपजे विवाद के बाद हालात अभी भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। गुरुवार को टिब्बी थाने में प्रेस वार्ता के दौरान ADG वी.के. सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में 700–800 लोगों को रोजगार और 1,000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष लाभ मिलने वाला है, लेकिन कुछ बाहरी तत्वों ने स्थानीय लोगों को भड़काकर कानून-व्यवस्था को बाधित किया। उन्होंने कहा कि उपद्रव में शामिल कुछ जनप्रतिनिधियों के नाम भी सामने आए हैं और उनकी जांच जारी है। घटना से जुड़े फोटो और वीडियो की जांच भी की जा रही है।

ADG सिंह ने स्पष्ट किया कि 10 दिसंबर की घटना की कोई आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रित थी। उन्होंने कहा कि “पुलिस ने किसी भी प्रकार की फायरिंग नहीं की है। भीड़ द्वारा उपयोग किए गए वेपन वे कहां से लाए, इसकी जांच हो रही है।” उन्होंने बताया कि हिंसा में 36 से अधिक पुलिसकर्मी और बॉर्डर होमगार्ड घायल हुए, जिनमें 5 जवानों की स्थिति गंभीर है।

107 FIR, 40 लोग हिरासत में — किसानों में असमंजस, आंदोलन जारी रहे या खत्म — निर्णय आज

उपद्रव में शामिल होने पर 107 से अधिक किसानों और ग्रामीणों पर नामजद मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 40 लोगों को हिरासत में लिया गया है। गुरुवार सुबह से टिब्बी कस्बे में स्थिति सामान्य होने का दावा किया गया, बाजार खुले रहे, लेकिन इंटरनेट सेवा बंद है।

इधर, टिब्बी तहसीलदार कार्यालय में जिला प्रशासन और किसान नेताओं के बीच वार्ता जारी है। दूसरी ओर, गुरुद्वारा सिंह सभा में भी संघर्ष समिति की बैठक चल रही है, जिसके बाद यह तय होगा कि आंदोलन जारी रहेगा या समाप्त किया जाएगा।

कांग्रेस नेताओं की हिरासत, नारेबाजी—राजनीतिक तनाव गहरा

घटना के बाद राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर को बींझबायला मंडी बस स्टैंड से हिरासत में लिया गया। उनके साथ PCC सदस्य विकास गौड़, युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष करण सहारण और जगतार समरा को भी पुलिस ने रोका। टिब्बी क्षेत्र में प्रशासन के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।

संगारिया विधायक अभिमन्यु पूनिया ने बुधवार को हुए लाठीचार्ज के लिए कलेक्टर और SP को जिम्मेदार ठहराया है। पूनिया स्वयं भी टकराव में घायल हुए थे।

ग्रामीणों में भय—10 से अधिक गांवों के 30 परिवार घर छोड़कर गए

राठीखेड़ा क्षेत्र में फैक्ट्री के आसपास गुरुवार सुबह सन्नाटा छाया रहा। लगभग 10 गांवों के 30 परिवार घर छोड़कर भाग गए, जिनमें से कई लोग पुलिस के डर से छिपे हुए हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई से गांवों में भय का माहौल है।

जिला कलेक्टर का दावा—फैक्ट्री के पास सभी अनुमतियाँ

हनुमानगढ़ कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि फैक्ट्री वर्ष 2022 के राइजिंग राजस्थान प्रोजेक्ट का हिस्सा है। 2023 में इसकी रजिस्ट्री और CLU की अनुमति जारी हुई, तथा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी आवश्यक अनुमतियाँ पूरी हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार को महापंचायत में प्रशासन ने स्पष्ट किया था कि स्थानीय भावनाओं का सम्मान करते हुए कंपनी के कार्य को रोकने पर 

कंपनी का कोई बयान नहीं, किसान बोले—पर्यावरण मंजूरी और स्थानीय सहमति के बिना फैक्ट्री नहीं बनने देंगे

किसान संगठनों ने कहा है कि जब तक कंपनी पूरी पर्यावरण मंजूरी नहीं लेती और स्थानीय पंचायतों की सहमति प्राप्त नहीं करती, तब तक वे फैक्ट्री का निर्माण नहीं होने देंगे। दूसरी तरफ कंपनी के डायरेक्टर जतिंदर अरोड़ा और रॉबिन जिंदल ने अभी तक इस मामले में कोई बयान जारी नहीं किया है।

प्रशासनिक तैयारियाँ—भारी पुलिस बल तैनात, इंटरनेट बंद, धारा 163 लागू

इलाके में बड़ा पुलिस जाब्ता तैनात है। ADG वी.के. सिंह, संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा, बीकानेर रेंज IG हेमंत शर्मा, हनुमानगढ़ कलेक्टर और SP शंकर सहित वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।टिब्बी और आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवाएं बंद, धारा 163 लागू, स्कूल–कॉलेज और कई दुकानें बंद कर दी गई हैं।

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