



जयपुर। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई जिलाध्यक्षों और प्रदेश पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक में पार्टी नेतृत्व ने संगठन में निष्क्रियता पर कड़ा रुख अपनाया। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने बैठक के दौरान साफ कहा कि जो नेता लगातार तीन बैठकों में अनुपस्थित रहे हैं, उनकी अब संगठन में कोई जरूरत नहीं है। रंधावा ने ऐसे पदाधिकारियों की लिस्ट तत्काल मांगी है, ताकि उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई की जा सके।
उनके बाद प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी इसी लाइन पर दिखे। उन्होंने कहा कि एसआईआर के महत्वपूर्ण अभियान के दौरान कई पदाधिकारी सक्रिय नहीं रहे। डोटासरा ने कहा— “कुछ लोग पद पाकर भी बैठकों में नहीं आते। ऐसे पदाधिकारियों को रखने का कोई अर्थ नहीं है। जो काम नहीं करेगा, वह पद पर नहीं रहेगा।”
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जिलाध्यक्षों को संगठित रहने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राजनीति में असंतोष सामान्य है, इसलिए हर जिलाध्यक्ष को अपने क्षेत्र में नाराज नेताओं को फोन कर मनाना चाहिए और सबको साथ लेकर चलना चाहिए।
राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने SIR (Special Summary Revision) के मुद्दे पर सभी नेताओं को गंभीरता बरतने के निर्देश दिए। पायलट ने कहा कि अगर वोटर लिस्ट से नाम कटते रहे तो चुनाव लड़ने की स्थिति ही नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि सभी नेता चौकन्ने रहें। जब वोट ही नहीं रहेंगे, वोट ही कट जाएंगे, तो चुनाव कौन लड़ेगा? SIR को पूरी सजगता से संभालना होगा।

कांग्रेस ने हर जिला अध्यक्ष को फर्स्ट BLA (Booth Level Agent) नियुक्त किया है। उन्हें फॉर्म भरवाकर SIR में घर-घर की निगरानी का जिम्मा दिया गया है। संगठन का कहना है कि SIR में कथित अनियमितताएं रोकने के लिए यह विशेष कदम उठाया गया है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया में लगभग 30 लाख वोटर्स के नाम काटने की तैयारी है, जिनमें SC, ST, अल्पसंख्यक, ओबीसी व घुमंतू जातियों के वोट प्रमुख रूप से शामिल हैं। उन्होंने कहा कि एब्सेंट, शिफ्टेड और डेथ के नाम पर मनमर्जी से वोट काटे जा रहे हैं। गुजरात सीमा से सटे क्षेत्रों—जैसे बाड़मेर, जालोर, सिरोही—के वोट नहीं काटे जा रहे। यह पक्षपातपूर्ण कार्रवाई है।”
डोटासरा ने कहा कि 14 दिसंबर को दिल्ली की रैली में ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर बड़ा ऐलान होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वोटर लिस्ट में अनियमितताओं का खुलकर विरोध करेगी और बीजेपी “एब्सेंट वोटर” के नाम पर षड्यंत्र कर रही है, इसे रोकने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी।