



जयपुर। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक सचिन पायलट ने शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भाजपा और राजस्थान सरकार पर जोरदार हमला बोला। पायलट ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपए डालने की योजना को लेकर सवाल उठाया और कहा कि अगर बिहार में चुनाव के समय महिलाओं को वित्तीय सहायता दी जा सकती है, तो राजस्थान की महिलाओं के साथ यह समानता क्यों नहीं बरती जा रही?
पायलट ने कहा कि बिहार में चलते चुनाव के दौरान महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपए डाले गए और चुनाव आयोग ने इसकी अनुमति भी दे दी। मेरा सवाल यह है कि अगर बिहार की बहन-बेटियों से इतना लगाव है तो राजस्थान की महिलाओं ने क्या अन्याय किया है? आप उन्हें भी 10 हजार रुपए दीजिए, योजना लाइए, हम उसका स्वागत करेंगे। लेकिन ऐसा इसलिए नहीं किया जाएगा क्योंकि राजस्थान में चुनाव अभी तीन साल बाद हैं।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव नजदीक आने पर ऐसी लोकलुभावन योजनाएं लाकर माहौल प्रभावित करने की कोशिश करती है, जिसका विरोध कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी लगातार कर रहे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए पायलट ने कहा कि कई राज्यों में बीएलओ (BLO) भारी दबाव में काम कर रहे हैं, जिसके चलते आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा, “4 दिसंबर एसआईआर फॉर्म जमा कराने की आखिरी तारीख है। करोड़ों गरीब और अशिक्षित लोग जरूरी दस्तावेज जुटाने में सक्षम नहीं हैं। इतनी जल्दबाजी किस बात की? आयोग को SIR के फॉर्म जमा करने की समयसीमा आगे बढ़ानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने समय बढ़ाने के लिए चुनाव आयोग से आग्रह किया था, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
पायलट ने कहा कि चुनाव आयोग लोकतंत्र को मजबूत रखने वाली सबसे संवेदनशील संस्था है। उस पर लगाए गए ‘वोट चोरी’ जैसे गंभीर आरोपों के बावजूद आयोग का जवाब न देना सही संकेत नहीं है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग को मजबूर कर कमजोर किया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरा है।”
प्रेस वार्ता में पायलट ने कहा कि तमाम अनियमितताओं और दबावों के बावजूद कांग्रेस पार्टी पूरी तरह तैयार है और किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार है।