



राजधानी जयपुर के वैशाली नगर स्थित गांधी पथ पर सड़क चौड़ीकरण अभियान के दौरान जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) की कार्रवाई ने पूरे शहर में हलचल मचा दी है। सड़क चौड़ीकरण के तहत अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया में JDA ने जहां दर्जनों मकानों और दुकानों को नोटिस थमाए, वहीं एक प्राचीन शिव मंदिर को भी “अवैध कब्जे” की श्रेणी में डाल दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि JDA ने मंदिर की दीवार पर जो नोटिस चस्पा किया, उसमें स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि “भगवान शिव” से 7 दिन के भीतर जवाब मांगा जाता है, और 28 नवंबर को दस्तावेजों सहित उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। यह नोटिस 21 नवंबर 2025 को जारी किया गया था।
JDA का नोटिस: ‘हाईकोर्ट आदेश के तहत सड़क चौड़ीकरण’
नोटिस में उल्लेख किया गया है कि हाईकोर्ट की रिट पिटीशन नंबर 658/2024 के अनुसार गांधी पथ को 100 फीट चौड़ा किया जाना है। इस विस्तार कार्य के दौरान JDA की पीटी सर्वे रिपोर्ट (जोन-7) में पाया गया कि मंदिर की बाउंड्री वॉल सड़क की निर्धारित लाइन से 1.59 मीटर अंदर आ रही है। इसलिए इसे अतिक्रमण की श्रेणी में मानते हुए नोटिस जारी किया गया।
नोटिस में यह भी लिखा है कि यदि निर्धारित समय सीमा में कोई जवाब या प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया तो JDA एकतरफा कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए बाध्य होगा।
स्थानीयों में नाराजगी, सोशल मीडिया पर बना मुद्दा
JDA की इस कार्रवाई ने स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं में नाराजगी फैला दी है। लोगों का कहना है कि मंदिर वर्षों पुराना है और स्थानीय आस्था का केंद्र है, ऐसे में “भगवान शिव के नाम नोटिस” चस्पा करना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो गया है। कई यूजर्स ने व्यंग्य करते हुए लिखा — “अब भगवान को भी नोटिस का जवाब देना होगा क्या?” जबकि कुछ ने इसे प्रशासनिक प्रक्रिया में “मानव बनाम आस्था” की टकराहट बताया।
JDA अधिकारियों का कहना है...
वहीं, JDA अधिकारियों ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण कार्य न्यायालय के आदेश पर किया जा रहा है और सभी निर्माणों को, चाहे वे धार्मिक स्थल हों या निजी भवन, समान रूप से नियमानुसार नोटिस दिया गया है।