



बाड़मेर में बने विशेष हाईवे स्ट्रिप पर मंगलवार को भारतीय वायुसेना ने अपनी सामरिक क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। दक्षिण-पश्चिमी कमान की ओर से संचालित ‘महा-गजराज’ अभियान के तहत आयोजित इस युद्धाभ्यास में वायुसेना के लड़ाकू और परिवहन विमानों ने हाईवे पर सफलतापूर्वक लैंडिंग और टेकऑफ कर दिखाया कि आपातकालीन स्थिति में सड़क आधारित एयर स्ट्रिप कितनी कारगर साबित हो सकती हैं। अभ्यास के दौरान एयरफोर्स ने अपनी तेज़ प्रतिक्रिया क्षमता, ऑपरेशनल रेडीनेस और रिसोर्स डायवर्जन की शक्ति को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया।
तीन किलोमीटर लंबी और 33 मीटर चौड़ी इस इमरजेंसी हवाई पट्टी पर सबसे पहले परिवहन विमान सी-295 ने ‘टच एंड गो’ ऑपरेशन करते हुए शानदार उड़ान भरी। इसके तुरंत बाद जगुआर फाइटर जेट ने हाईवे पर लैंडिंग की और कुछ ही क्षणों में दुबारा आकाश की ओर उड़ान भरकर अपनी युद्धक प्रभावशीलता स्पष्ट की। अभ्यास का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा सुखोई-30 एमकेआई का हाईवे स्ट्रिप पर उतरना, जिसने अपनी मजबूत उपस्थिति और सटीक नियंत्रण क्षमता का प्रदर्शन करते हुए अभियान में नई ऊर्जा भर दी।
यह तीसरी बार है जब इस एक्सप्रेस-वे को ऐसी सैन्य गतिविधियों के लिए उपयोग में लिया गया है। युद्धाभ्यास की शुरुआत से पहले प्रशासन ने सुरक्षा कारणों से हाईवे पर आमजन की आवाजाही को पूर्णतः प्रतिबंधित कर दिया था। आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग युद्धाभ्यास देखने पहुंचे, लेकिन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उन्हें निर्धारित बिंदु से आगे नहीं जाने दिया गया। सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस बल के साथ एनसीसी कैडेट्स की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वायुसेना अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सड़क आधारित एयर स्ट्रिप की उपयोगिता, विश्वसनीयता और तत्परता की परख करना है। ऐसे अभ्यास सुनिश्चित करते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं, युद्धकालीन स्थिति या सामान्य एयरबेस के क्षतिग्रस्त होने पर वैकल्पिक रनवे के रूप में ऐसी हवाई पट्टियाँ तुरंत उपयोग की जा सकें।
अभ्यास के दौरान वायुसेना और सेना के वरिष्ठ अधिकारी, स्थानीय जनप्रतिनिधि, सरपंच और प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस हाईवे युद्धाभ्यास ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना किसी भी परिस्थिति में अपनी ऑपरेशनल क्षमता को बनाए रखते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।