



भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संविधान के अनुच्छेद 67(a) के अंतर्गत अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने सेहत को प्राथमिकता देने और डॉक्टर की सलाह का पालन करने का हवाला दिया। राष्ट्रपति को संबोधित भावुक पत्र में उन्होंने कहा, “मैं भारत के राष्ट्रपति के प्रति गहरी कृतज्ञता प्रकट करता हूं। उनका समर्थन अडिग रहा और कार्यकाल शांतिपूर्ण तथा बेहतरीन रहा।”
धनखड़ ने प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री का सहयोग और समर्थन उनके लिए अमूल्य रहा और उन्होंने उनसे बहुत कुछ सीखा। उन्होंने अपने कार्यकाल को लोकतंत्र का महान अनुभव बताया और कहा कि उन्हें सांसदों से जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला, वह जीवनभर उनकी स्मृति में रहेगा।
धनखड़ ने भारत की आर्थिक प्रगति और परिवर्तनशील युग की तेज़ रफ्तार को देखकर गौरव महसूस किया और इसे अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें इस दौर में देश की सेवा करने का अवसर मिला। अपने इस्तीफे के अंत में उन्होंने भारत की उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य के प्रति गर्व और अटूट विश्वास जताया।
धनखड़ 6 अगस्त 2022 को भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने थे और उन्होंने मार्गरेट अल्वा को हराकर यह पद संभाला था।
