याचिकाकर्ता संस्था के अधिवक्ताओं पूनमचंद भंडारी, अभिनव भंडारी एवं डॉ. टी.एन. शर्मा ने न्यायालय को अवगत कराया कि "राजस्थान ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट एक्ट, 2012" की धारा 17 के अनुसार, सरकारी टेंडरों से संबंधित समस्त दस्तावेजों को सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक करना अनिवार्य है।
हालांकि इसके बावजूद कई विभाग, विशेषकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, इस कानूनी दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं। अधिवक्ताओं ने उदाहरण स्वरूप इस्पेक्ट्रोमीटर मशीनों की खरीद का उल्लेख किया, जिसके टेंडर दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं किए गए।
वर्ष 2020 में एक जनहित याचिका के माध्यम से इस विषय को उठाया गया था। उस समय राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को भरोसा दिलाया था कि सभी सरकारी टेंडरों से संबंधित जानकारी पहले से ही पोर्टल पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस आधार पर 18 अगस्त 2023 को हाई कोर्ट ने याचिका यह कहते हुए निस्तारित कर दी थी कि राज्य सरकार विधिक प्रावधानों का पालन करे।
लेकिन याचिकाकर्ता संस्था ने अब यह तथ्य सामने रखा है कि सरकार ने अदालत के आदेश का पालन नहीं किया है। इस पर गंभीरता दिखाते हुए न्यायमूर्ति इंद्रजीत सिंह एवं न्यायमूर्ति प्रमिल कुमार माथुर की खंडपीठ ने मुख्य सचिव एवं प्रमुख सचिव को व्यक्तिगत रूप से नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब तलब किया है।