Thursday, 27 March 2025

डोटासरा का भाजपा पर बड़ा हमला: बोले- पंचायतों और निकायों के परिसीमन में आरएसएस के इशारे पर हो रही तोड़फोड़, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे


डोटासरा का भाजपा पर बड़ा हमला: बोले- पंचायतों और निकायों के परिसीमन में आरएसएस के इशारे पर हो रही तोड़फोड़, हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट जाएंगे

जयपुर राजस्थान में पंचायत और नगर निकायों के परिसीमन को लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आरएसएस और बीजेपी नेताओं के इशारे पर गांवों और वार्डों की सीमाओं में मनमर्जी से तोड़फोड़ कर रही है, ताकि स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा को राजनीतिक लाभ मिल सके।

डोटासरा ने कहा कि राज्य सरकार ने मंत्रियों की एक परिसीमन समिति बनाई, लेकिन उस समिति की आज तक एक भी बैठक नहीं हुई। इसके उलट भाजपा नेताओं पूर्व प्रतिपक्ष के नेता राजेंद्र राठौड़, सांसद घनश्याम तिवाड़ी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी की एक "अनाधिकारिक कमेटी" अफसरों को तलब कर उन्हें ओटीएस में बैठकर निर्देश दे रही है कि किस पंचायत और वार्ड की सीमाएं कैसे बदली जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कमेटी आरएसएस के दबाव में काम कर रही है और प्रशासनिक अधिकारियों को डांटकर अपनी बात मनवा रही है।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने कहा कि यह कमेटी वास्तव में सरकार चला रही है।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मंद-मंद मुस्कराते हैं और सब कुछ इन नेताओं के कहने पर हो रहा है। यह लोकतंत्र नहीं, पोपाबाई का राज हो गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मुस्लिम बहुल इलाकों के वार्डों को जानबूझकर विभाजित किया जा रहा है और बीजेपी समर्थक वोटरों की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन को टूल की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि ईओ, एसडीएम और कलक्टर इस अनाधिकृत कमेटी के आगे "डिस्पैच बाबू" बन चुके हैं। मंत्रियों और अधिकारियों के हाथ में कुछ नहीं बचा। सारा शासन सिर्फ पर्चियों पर चल रहा है।

कोर्ट जाने की तैयारी

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मामले को लेकर जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग, राज्यपाल, हाईकोर्ट और आवश्यकता पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को परिसीमन से आपत्ति नहीं है, लेकिन वह समय पर और निष्पक्ष होना चाहिए। चुनाव से 6 महीने पहले परिसीमन पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन बीजेपी सरकार ने इसे जानबूझकर लटकाया और अब अपने राजनीतिक हितों के लिए इसे तोड़-मरोड़ कर लागू कर रही है।

निर्वाचन आयोग पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने राज्य निर्वाचन आयोग पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस आयोग में रीढ़ की हड्डी ही नहीं बची है। यह सरकार के खिलाफ कोई भी सख्त कदम उठाने की स्थिति में नहीं है। भरतपुर जिला प्रमुख का चुनाव डेढ़ साल से लंबित है, लेकिन आयोग कोई पहल नहीं कर रहा।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा के इस तीखे बयान के बाद राजस्थान की सियासत में नया मोड़ आ गया है और आने वाले दिनों में परिसीमन को लेकर कांग्रेस का कानूनी और सियासी संघर्ष तेज हो सकता है।

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