जयपुर राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) एक बार फिर विवादों में है। 25 मार्च को आयोजित होने जा रहे खिलाड़ियों के सम्मान समारोह से पहले RCA की एडहॉक कमेटी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। यह मामला सियासी रंग पकड़ चुका है, जहां कांग्रेस के नेताओं ने राज्य सरकार की निगरानी में एडहॉक कमेटी पर लाखों रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया है, वहीं कमेटी ने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे प्रकरण को षड्यंत्र करार दिया है।
सम्मान समारोह जयपुर के एक फाइव स्टार होटल में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 30 लाख रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान है। इसको लेकर विवाद खड़ा हुआ है कि बिना RCA की साधारण सभा की स्वीकृति के इतना बड़ा बजट कैसे स्वीकृत किया गया।
कांग्रेस के प्रदेश महासचिव और सवाई माधोपुर क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव डॉ. सुमित गर्ग ने कहा कि, "एडहॉक कमेटी का गठन केवल तीन महीने में चुनाव कराने के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने चुनाव छोड़कर बाकी सभी कार्यों में रुचि दिखाई है। खिलाड़ियों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है। बिना अनुमति लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों के लिए आने वाले बीसीसीआई के फंड का दुरुपयोग हो रहा है।"
उन्होंने आरोप लगाया कि RCA के कुछ पदाधिकारियों ने दो-दो लाख रुपये के मोबाइल, महंगे सूट और अन्य विलासिता की वस्तुओं पर पैसे उड़ाए हैं। "यह खिलाड़ियों के साथ अन्याय है। सरकार जानबूझकर चुनाव नहीं करा रही है और इस भ्रष्टाचार को मौन स्वीकृति दे रही है," डॉ. गर्ग ने कहा।
वहीं, एडहॉक कमेटी के सदस्य धर्मवीर सिंह ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि "अवॉर्ड फंक्शन को लेकर बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है। खिलाड़ियों को सम्मान देना गलत कैसे हो सकता है?" उन्होंने यह भी कहा कि कार्यक्रम के दौरान सभी सदस्यों के लिए ड्रेस कोड तय किया गया है और जो सूट सिलवाए गए हैं, उसके पैसे सदस्य अपनी जेब से देंगे।
मोबाइल फोन को लेकर उठे विवाद पर धर्मवीर सिंह ने कहा कि इससे पहले भी RCA में कार्यकारिणी को ऐसे इक्विपमेंट दिए जाते रहे हैं। यह कोई नई बात नहीं है और न ही इसका आयोजन से कोई सीधा संबंध है। "कुछ लोग जानबूझकर एडहॉक कमेटी को बदनाम करना चाहते हैं," उन्होंने कहा।
इस पूरे प्रकरण से राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन में गहराता राजनीतिक हस्तक्षेप एक बार फिर सामने आया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या सरकार जल्द चुनाव कराकर RCA को स्थायी नेतृत्व देगी या ये विवाद और गहराएंगे।