Monday, 31 August 2026

राजस्थान हाईकोर्ट को मिलेगा नया चीफ जस्टिस: कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल के नाम की सिफारिश, जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी J&K-लद्दाख के लिए प्रस्तावित


राजस्थान हाईकोर्ट को मिलेगा नया चीफ जस्टिस: कॉलेजियम ने जस्टिस संजय के. अग्रवाल के नाम की सिफारिश, जस्टिस पुष्पेंद्र भाटी J&K-लद्दाख के लिए प्रस्तावित

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जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त को हुई बैठक में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल को राजस्थान हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। वहीं राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की गई है।

जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के अनुसार वे 16 सितंबर 2013 को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त हुए थे और मार्च 2016 में स्थायी न्यायाधीश बने।

अभी कार्यवाहक CJ हैं जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा

राजस्थान हाईकोर्ट में वर्तमान में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश हैं। जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल के नाम की कॉलेजियम सिफारिश के बाद राजस्थान हाईकोर्ट को स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने का रास्ता साफ हुआ है।

हालांकि यहां यह महत्वपूर्ण है कि कॉलेजियम की सिफारिश मात्र से जस्टिस एसपी शर्मा का कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश का पद तत्काल समाप्त नहीं होता। जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल की नियुक्ति केंद्र सरकार की औपचारिक अधिसूचना, राष्ट्रपति की मंजूरी और उसके बाद पदभार ग्रहण करने की प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी होगी।

जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी J&K-लद्दाख हाईकोर्ट के लिए प्रस्तावित

कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी को जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की भी सिफारिश की है।

जस्टिस भाटी राजस्थान हाईकोर्ट के वरिष्ठतम न्यायाधीशों में शामिल हैं। मौजूदा वरिष्ठता क्रम में जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा के बाद उनका नाम आता है।

उनकी नियुक्ति भी केंद्र सरकार की अधिसूचना और संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी होगी।

इसी दिन राजस्थान हाईकोर्ट में जस्टिस शर्मा के खिलाफ वकीलों का प्रदर्शन

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर पीठ में वकीलों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। जयपुर में वकीलों ने उनके कोर्ट रूम के बाहर नारेबाजी भी की।

जोधपुर की दो प्रमुख बार एसोसिएशन ने न्यायिक कार्य से 6 सितंबर तक दूर रहने का निर्णय भी लिया है। उनकी मांगों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को न्यायिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से अलग करना और राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति शामिल है।

जस्टिस संदीप मेहता के पत्रों के बाद शुरू हुआ विवाद

विवाद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संदीप मेहता की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए पत्रों की जानकारी सामने आने के बाद बढ़ा। इन पत्रों में जस्टिस मेहता ने जस्टिस शर्मा की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए और राजस्थान हाईकोर्ट में किसी दूसरे हाईकोर्ट से स्थायी मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने का आग्रह किया था।

इन आरोपों पर CJI ने भी कहा था कि मामले पर विचार किया जा रहा है और जस्टिस शर्मा को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इसलिए पत्र में लगाए गए आरोपों को अभी किसी अंतिम न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।

जस्टिस शर्मा ने न्यायिक सुनवाई से खुद को किया अलग

वकीलों के विरोध के बीच सोमवार शाम एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ। राजस्थान हाईकोर्ट के संशोधित रोस्टर में 1 से 5 सितंबर तक जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा को किसी नियमित बेंच में नहीं रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने फिलहाल न्यायिक सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है।

ऐसे में एक ही दिन वकीलों के विरोध, रोस्टर में बदलाव और नए मुख्य न्यायाधीश के नाम की कॉलेजियम सिफारिश ने राजस्थान हाईकोर्ट से जुड़े घटनाक्रम को बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है।

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