Friday, 28 August 2026

रक्षाबंधन पर अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश: ‘बहन के आशीर्वाद से बड़ा कोई पुण्य नहीं’, बहन सुमन संग याद किया बचपन


रक्षाबंधन पर अनिल अग्रवाल का भावुक संदेश: ‘बहन के आशीर्वाद से बड़ा कोई पुण्य नहीं’, बहन सुमन संग याद किया बचपन

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नई दिल्ली। रक्षाबंधन के अवसर पर वेदांता ग्रुप के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने अपनी बहन सुमन के लिए भावुक संदेश साझा किया है। उन्होंने भाई-बहन के रिश्ते को परिवार की सबसे मजबूत डोर बताते हुए कहा कि पूर्वांचल में मान्यता है कि बहन के आशीर्वाद से बड़ा कोई पुण्य नहीं होता।

अनिल अग्रवाल ने कहा कि किसी भी शुभ कार्य को बहन और बेटियों के बिना पूर्ण नहीं माना जाता। जिस परिवार में मां और बहनों का सम्मान होता है, वहां सुख और समृद्धि बनी रहती है। उन्होंने बताया कि उनके परिवार में भी इस परंपरा और भावना को हमेशा महत्व दिया गया है।

‘सबसे बड़ा मैं हूं, लेकिन हुक्म बहन सुमन का चलता है’

अपने पारिवारिक रिश्तों का जिक्र करते हुए अनिल अग्रवाल ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे तीन भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े हैं, लेकिन जब यह तय करने की बात आती है कि परिवार में सबसे ऊपर किसका हुक्म चलेगा, तो उनकी लाडली बहन सुमन अपने आप सबसे बड़ी बन जाती हैं।

उन्होंने कहा कि उम्र चाहे कितनी भी बढ़ जाए, भाई-बहन जब एक साथ होते हैं तो फिर उसी बचपन में लौट जाते हैं। आपसी नोकझोंक, प्यार और अपनापन उम्र के साथ कम नहीं होता।

माता-पिता के बाद भाई-बहनों में बसता है बचपन का घर

अनिल अग्रवाल ने अपने माता-पिता को याद करते हुए लिखा कि अब जब मां और बाउजी नहीं हैं, तो उन्हें लगता है कि बचपन का वह घर अब भाई-बहनों के रिश्ते में ही जीवित है।

उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान जब सभी भाई-बहन एक साथ मिलते हैं तो पुरानी यादें फिर ताजा हो जाती हैं। ऐसा लगता है जैसे वे एक बार फिर उन दिनों में लौट आए हों, जब पूरा परिवार एक साथ बैठकर त्योहार और खुशियां मनाया करता था। उनका यह संदेश परिवार के साथ बिताए समय और रिश्तों की अहमियत को रेखांकित करता है।

बहन सुमन के लिए लिखा खास संदेश

रक्षाबंधन पर अपनी बहन को शुभकामना देते हुए अनिल अग्रवाल ने लिखा कि राखी का यह पवित्र धागा भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करे।

उन्होंने अपनी बहन सुमन के लिए कामना की कि वह हमेशा हंसती-मुस्कुराती रहें और परिवार में इसी तरह खुशियां बिखेरती रहें। अनिल अग्रवाल ने अंत में देशवासियों को भी रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

भाई-बहन के रिश्ते और पारिवारिक संस्कार पर दिया संदेश

अनिल अग्रवाल के संदेश में रक्षाबंधन के पारंपरिक स्वरूप के साथ भारतीय परिवारों में बहन और बेटी के सम्मान को भी प्रमुखता दी गई है। उन्होंने इस पर्व को केवल राखी बांधने की परंपरा तक सीमित न रखते हुए आपसी प्रेम, सम्मान, यादों और परिवार से जुड़े रहने का प्रतीक बताया। उनका संदेश सोशल मीडिया पर भी पारिवारिक रिश्तों और रक्षाबंधन की भावनाओं को लेकर चर्चा में है।




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