



गंगटोक। रक्षाबंधन के पावन अवसर पर जयपुर से सिक्किम पहुंची श्री शक्ति पीठ, वात्सल्य साधना केन्द्र, जामडोली की बालिकाओं ने सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर से लोकभवन में मुलाकात की। ‘राष्ट्रीय रक्षा बंधन यात्रा-2026’ के तहत पहुंचे दल की बालिकाओं ने राज्यपाल की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनका आशीर्वाद लिया। इस यात्रा में विभिन्न राज्यों की करीब 50 बालिकाएं शामिल हैं।
श्री शक्ति पीठ की यह विशेष पहल पिछले 14 वर्षों से देश की सीमाओं पर तैनात भारतीय सेना के जवानों को राखी बांधने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। संस्था की ओर से हर वर्ष बालिकाओं का दल भारत-पाकिस्तान और भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में पहुंचकर सैनिकों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधता है और देश की रक्षा में उनके योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करता है।
संस्था की संस्थापक पूज्य साध्वी समदर्शी गिरि के मार्गदर्शन तथा सचिव श्रीमती प्रियंका परमानन्द के नेतृत्व में बालिकाओं का दल इस वर्ष भी राष्ट्रीय रक्षा बंधन यात्रा पर निकला है।
लोकभवन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह यात्रा 24 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक आयोजित की जा रही है। यात्रा में 8 से 20 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाएं शामिल हैं। संस्था की इस पहल का उद्देश्य रक्षाबंधन को केवल पारिवारिक पर्व तक सीमित नहीं रखते हुए इसे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिकों के प्रति प्रेम, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के पर्व के रूप में भी मनाना है।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद यात्रा का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव भारत-चीन सीमा पर स्थित नाथू ला है। कार्यक्रम के अनुसार 28 अगस्त को बालिकाओं का दल नाथू ला सीमा पर तैनात भारतीय सेना के जवानों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधेगा।
सीमा पर तैनात जवान अपने परिवारों से दूर रहकर देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। ऐसे में बालिकाओं की ओर से उन्हें राखी बांधने की यह पहल सैनिकों के प्रति समाज के भावनात्मक जुड़ाव और सम्मान का संदेश देती है।
राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने राष्ट्रीय रक्षा बंधन यात्रा की सराहना करते हुए इसे बच्चों को देश के वीर सैनिकों से भावनात्मक रूप से जोड़ने वाली प्रेरक पहल बताया।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों में राष्ट्रभक्ति, एकता, प्रेम, आपसी सम्मान और सामाजिक समरसता की भावना को मजबूत करते हैं। राज्यपाल ने संस्था और यात्रा में शामिल बालिकाओं को इस राष्ट्र समर्पित कार्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
श्री शक्ति पीठ की इस यात्रा की खास बात यह है कि यह अभियान लगातार 14 वर्षों से चल रहा है। अलग-अलग राज्यों से बालिकाओं को साथ लेकर संस्था के प्रतिनिधि देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं तक पहुंचते हैं और वहां तैनात जवानों के साथ रक्षाबंधन मनाते हैं।
इस दौरान बालिकाएं सैनिकों को राखी बांधकर यह संदेश देती हैं कि सीमा पर देश की रक्षा में खड़े जवानों के साथ पूरा देश और देश की बेटियां भावनात्मक रूप से जुड़ी हुई हैं।
लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं ने राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्यपाल ने भी बालिकाओं को आशीर्वाद देते हुए संस्था के इस अभियान को राष्ट्र के प्रति समर्पित प्रेरणादायी प्रयास बताया।
