



दौसा। रक्षाबंधन के दिन राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा हो गया। शुक्रवार सुबह अहमदाबाद से दिल्ली जा रही एक निजी ट्रैवल्स कंपनी की स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 21 यात्री घायल हो गए।
हादसा कोलवा थाना क्षेत्र के गुढ़लिया गांव के पास सुबह करीब 7 बजे हुआ। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंचे और बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने में मदद की।
सूचना मिलने पर कोलवा और सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
रक्षाबंधन के त्योहार पर अपने परिवारों से मिलने और राखी बंधवाने के लिए घर लौट रहे यात्रियों को अंदाजा भी नहीं था कि उनका सफर अचानक हादसे में बदल जाएगा।
बस में कई परिवार सफर कर रहे थे। कोई बहन से राखी बंधवाने घर जा रहा था तो कोई अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए लौट रहा था। सुबह-सुबह हुए हादसे ने कुछ ही पलों में यात्रियों की खुशियों को चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल दिया। टक्कर के बाद कई यात्री अपनी सीटों से नीचे गिर गए। अचानक हुए हादसे से बस के अंदर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई और यात्री बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।
जानकारी के अनुसार निजी ट्रैवल्स कंपनी की स्लीपर बस अहमदाबाद से दिल्ली की ओर जा रही थी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर गुढ़लिया गांव के पास बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई।
टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह चकनाचूर हो गया। सबसे ज्यादा नुकसान चालक की तरफ के हिस्से में हुआ। बस चालक गंभीर रूप से फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की तस्वीरों में भी बस के अगले हिस्से को भारी नुकसान दिखाई दिया।
बस और ट्रक की टक्कर के दौरान तेज धमाके जैसी आवाज हुई। आसपास मौजूद ग्रामीण और एक्सप्रेसवे से गुजर रहे लोग तत्काल घटनास्थल की ओर पहुंचे।
बस के भीतर से यात्रियों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। कई यात्री हादसे के कारण अपनी सीटों और बस के क्षतिग्रस्त हिस्सों के बीच फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस के पहुंचने से पहले ही बचाव कार्य शुरू कर दिया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।
हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त होने के कारण वहां बैठे यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने मिलकर घायलों को एक-एक कर बस से बाहर निकाला। इसके बाद एंबुलेंस के जरिए घायलों को दौसा जिला अस्पताल भेजा गया। अस्पताल में हादसे की सूचना मिलते ही चिकित्सा व्यवस्था को सक्रिय किया गया और घायलों का उपचार शुरू किया गया।
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दौसा पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित भी घटनास्थल पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। कोलवा और सदर थाना पुलिस ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभाली। हादसे के कारण कुछ समय तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस ने हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बस ट्रक से किन परिस्थितियों में टकराई।
हादसे के बाद दुर्घटनाग्रस्त बस और ट्रक के कारण एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। सड़क पर वाहनों की कतार लगने लगी।
पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और ट्रक को एक्सप्रेसवे से हटवाया। इसके बाद यातायात को दोबारा सुचारू कराया गया। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी है।
रक्षाबंधन के दिन हुआ यह हादसा यात्रियों और उनके परिवारों के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। सुबह तक जो यात्री अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने की उम्मीद में सफर कर रहे थे, उनमें से कई को अस्पताल पहुंचना पड़ा।
हादसे में चालक की मौत ने उसके परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। वहीं घायलों के परिजन घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुए इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों की सड़क सुरक्षा और एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित ड्राइविंग को लेकर चिंता बढ़ा दी है।