Thursday, 27 August 2026

निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का CMO पर गंभीर आरोप, बोले—DM-SDM पर दबाव डालकर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश


निकाय चुनाव के बीच कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का CMO पर गंभीर आरोप, बोले—DM-SDM पर दबाव डालकर चुनाव प्रक्रिया प्रभावित करने की कोशिश

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जयपुर। राजस्थान में नगर निकाय चुनाव-2026 को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) और राज्य सरकार पर प्रशासनिक अधिकारियों के कथित दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।

डोटासरा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से पोस्ट कर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान CMO को टैग करते हुए आरोप लगाया कि जिला कलेक्टर और उपखंड अधिकारियों जैसे प्रशासनिक अधिकारियों पर चुनावी प्रक्रिया में अनुचित दबाव बनाया जा रहा है।

‘DM-SDM पर बनाया जा रहा दबाव’

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने दावा किया कि जिला प्रशासन को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने के बजाय राजनीतिक स्तर से निर्देश दिए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे निकाय चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। डोटासरा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लगे अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव के बिना नियमों के अनुसार काम करने दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस समर्थित दावेदारों को लेकर भी लगाया आरोप

डोटासरा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस से जुड़े संभावित उम्मीदवारों और उनके परिवारों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रशासनिक माध्यमों से चुनावी दावेदारी और नामांकन से जुड़ी गतिविधियों को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है।

भाजपा पर ‘जिताऊ उम्मीदवारों की कमी’ का तंज

डोटासरा ने भाजपा पर राजनीतिक हमला बोलते हुए दावा किया कि पार्टी को कई निकायों में मजबूत उम्मीदवार नहीं मिल रहे हैं और इसी वजह से प्रशासनिक तंत्र के जरिए चुनावी समीकरण प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच चुनाव लड़ने के बजाय सरकारी मशीनरी का सहारा लेना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।

चुनावी निष्पक्षता पर उठाए सवाल

डोटासरा के आरोपों ने निकाय चुनाव से पहले प्रशासनिक निष्पक्षता को लेकर नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। कांग्रेस अब इस मुद्दे को चुनावी अभियान में भी प्रमुखता से उठा सकती है। हालांकि डोटासरा के ये सभी आरोप राजनीतिक दावे हैं। सरकार, मुख्यमंत्री कार्यालय या भाजपा की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

निकाय चुनाव से पहले बढ़ी सियासी तल्खी

प्रदेश में प्रत्याशी चयन, नामांकन और टिकट वितरण की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी लगातार तीखे होते जा रहे हैं। अब डोटासरा के इस बयान के बाद निगाह इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार या भाजपा की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है।

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