



जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव-2026 को लेकर कांग्रेस ने इस बार प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया को डिजिटल रूप दिया है। पार्टी ने पहली बार QR कोड के जरिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। प्रदेश के 309 निकायों से अब तक 36 हजार से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं, जिनमें अकेले जयपुर से करीब 1350 आवेदन शामिल हैं।
कांग्रेस ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 26 अगस्त कर दी है। पार्टी नेताओं का अनुमान है कि अंतिम समय तक आवेदनों की संख्या 60 हजार के आसपास पहुंच सकती है। इसके बाद जिला स्तर की कमेटियां वार्डवार दावेदारों की समीक्षा करेंगी और 27 अगस्त से टिकट फाइनल करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
प्रदेश के कुल 10,245 वार्डों के लिए कांग्रेस को बड़ी संख्या में आवेदन मिले हैं। कई छोटे निकायों में प्रति वार्ड 2 से 10 दावेदार सामने आए हैं, जबकि जयपुर सहित बड़े शहरों में एक-एक वार्ड से दावेदारी कहीं ज्यादा है।
पार्टी की रणनीति है कि केवल आवेदन की संख्या के आधार पर टिकट तय नहीं किए जाएं, बल्कि उम्मीदवार की स्थानीय पकड़, संगठन में सक्रियता, जनस्वीकार्यता और जीत की संभावना का आकलन किया जाए।
कांग्रेस प्रत्याशी चयन के लिए एक प्रोफेशनल कंपनी से सर्वे भी करा रही है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के को-ऑर्डिनेटर भी संभावित नामों की समीक्षा करेंगे। प्रदेश महासचिव स्वर्णिम चतुर्वेदी के अनुसार सोमवार दोपहर तक 36 हजार से अधिक आवेदन आ चुके थे। 26 अगस्त तक दावेदारों की सूची को अंतिम रूप देने के बाद प्रदेश स्तर पर टिकट प्रक्रिया और तेज होगी।
जयपुर सहित बड़े नगर निगमों में कांग्रेस मेयर पद के लिए भी संभावित चेहरों पर मंथन कर रही है। पार्टी 4 से 5 नामों की शॉर्टलिस्ट तैयार कर सकती है। इन चेहरों का चयन पार्षद चुनाव जीतने की क्षमता के साथ शहर स्तर पर नेतृत्व, राजनीतिक अनुभव और जनस्वीकार्यता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
कांग्रेस ने निकाय चुनाव में किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करने का फैसला किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह जेन-जी या सीजेपी सहित किसी भी दल के साथ चुनावी गठबंधन नहीं करेगी। कांग्रेस सभी वार्डों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। साथ ही पार्टी ने युवाओं को बड़ी हिस्सेदारी देने की रणनीति बनाई है।
कांग्रेस की चुनावी रणनीति में युवाओं पर खास फोकस रहेगा। पार्टी ने संकेत दिया है कि करीब 50 प्रतिशत टिकट युवाओं को दिए जा सकते हैं। इसके पीछे उद्देश्य स्थानीय निकायों में नई पीढ़ी की भागीदारी बढ़ाना और युवा मतदाताओं से सीधा जुड़ाव मजबूत करना बताया जा रहा है।
जयपुर शहर कांग्रेस ने नगर निगम चुनाव के लिए ‘मिशन-100’ का लक्ष्य तय किया है। पार्टी का दावा है कि वह 150 वार्डों में से 100 सीटें जीतने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी। मिशन-100’ पोस्टर लॉन्च होने के बाद इसे 20 मिनट में एक हजार से ज्यादा बार शेयर किए जाने का दावा किया गया है। जयपुर जिला कांग्रेस ने नगर निगम स्तर पर अलग से राजनीतिक सर्वे भी कराया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनावी तैयारियों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव समन्वयक नियुक्त किए हैं। इन समन्वयकों को 24 से 26 अगस्त तक संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में रहकर स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने तथा संगठनात्मक तालमेल बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। समन्वयकों को 27 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपनी है। टिकट चयन में इस फीडबैक की भी अहम भूमिका रहेगी।
QR कोड और ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था से इस बार दावेदारी काफी बढ़ी है। कांग्रेस इसे संगठन में बढ़ती भागीदारी और टिकट प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में नया प्रयोग मान रही है। अब सबकी नजर 26 अगस्त के बाद शुरू होने वाली छंटनी और 27 अगस्त से फाइनल होने वाले टिकटों पर है।