Tuesday, 25 August 2026

यमुना जल परियोजना को बड़ी मंजूरी, हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी, DPR और SPV गठन की राह हुई आसान


यमुना जल परियोजना को बड़ी मंजूरी, हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी, DPR और SPV गठन की राह हुई आसान

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जयपुर। राजस्थान की महत्वाकांक्षी यमुना जल परियोजना के क्रियान्वयन की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) के लिए जरूरी हाइड्रोलॉजी एवं अंतरराज्यीय स्वीकृतियां जारी हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में परियोजना की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री ने इसे राजस्थान के जल संसाधन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि इन स्वीकृतियों से परियोजना के निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और प्रदेश में यमुना जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयास और मजबूत होंगे।

21 अगस्त को केंद्रीय जल आयोग में हुई DPR की समीक्षा

बैठक में बताया गया कि 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली स्थित केंद्रीय जल आयोग (CWC) में यमुना जल परियोजना की DPR की विस्तृत समीक्षा की गई थी।

मुख्यमंत्री ने परियोजना के कंसल्टेंट नेबकॉन के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए DPR के अनुमोदन की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना से जुड़े प्रत्येक तकनीकी और प्रशासनिक चरण को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि निर्माण कार्यों में अनावश्यक देरी न हो।

हॉसियावास में प्रस्तावित तीन जलाशयों में से धनोटी की निविदा जारी

अतिरिक्त मुख्य सचिव जल संसाधन अभय कुमार ने बैठक में बताया कि परियोजना के तहत हॉसियावास (चूरू) में तीन जलाशय प्रस्तावित हैं। इनमें से धनोटी जलाशय के लिए निविदा जारी की जा चुकी है। इसकी तकनीकी निविदा 27 अगस्त को खोली जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निविदा प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जलाशय निर्माण से जुड़े कार्य समय पर शुरू हो सकें।

SPV गठन की प्रक्रिया भी होगी तेज

बैठक में परियोजना के लिए Special Purpose Vehicle (SPV) के गठन पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 29 जून 2026 को हुए MoA के अनुसार SPV गठन का प्रस्ताव जल्द से जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। SPV के गठन से परियोजना के वित्तीय, प्रशासनिक और कार्यान्वयन संबंधी निर्णयों को एक सुव्यवस्थित ढांचे में आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

राजस्थान में यमुना जल पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

राज्य सरकार का कहना है कि हाइड्रोलॉजी और अंतरराज्यीय स्वीकृतियां मिलने से परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण प्रारंभिक बाधाओं में से एक दूर हो गई है। अब DPR के अनुमोदन, जलाशयों के निर्माण और SPV गठन के बाद परियोजना तेजी से क्रियान्वयन के चरण में आगे बढ़ सकेगी।

मुख्यमंत्री ने समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि यमुना जल परियोजना प्रदेश के लिए दीर्घकालिक महत्व की है। इसलिए सभी विभाग समयसीमा के भीतर अपने-अपने दायित्व पूरे करें और परियोजना के हर चरण की नियमित मॉनिटरिंग हो। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) अखिल अरोड़ा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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