



जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रशासन ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। 27 अगस्त से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया को व्यवस्थित रखने के लिए जयपुर जिला निर्वाचन शाखा ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में 15 नामांकन कार्यालय खोलने की तैयारी की है। प्रत्येक 10 वार्ड के लिए एक अलग नामांकन कार्यालय बनाया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य कलेक्ट्रेट या किसी एक स्थान पर प्रत्याशियों और समर्थकों की भीड़ को रोकना है। चुनाव के दौरान नामांकन भरने आने वाले प्रत्याशियों की रैलियों और समर्थकों के कारण यातायात व कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो, इसके लिए नामांकन कार्यालय वार्ड क्षेत्रों के नजदीक ही रखे गए हैं।
निर्वाचन व्यवस्था के अनुसार जयपुर के कुल 150 वार्डों को 15 समूहों में बांटा गया है। हर समूह में 10 वार्ड होंगे और इनके लिए अलग रिटर्निंग अधिकारी तथा सहायक रिटर्निंग अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। इससे प्रत्याशियों को नामांकन दाखिल करने के लिए शहर के दूसरे छोर तक नहीं जाना पड़ेगा और प्रशासन को भी भीड़ नियंत्रण में सहूलियत होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले और दूसरे चरण के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अवधि 27 अगस्त से 31 अगस्त तय की है।
हालांकि इस अवधि में दो दिन अवकाश होने के कारण प्रत्याशियों को नामांकन के लिए प्रभावी रूप से सिर्फ तीन दिन मिलेंगे। 28 अगस्त को रक्षाबंधन और 30 अगस्त को रविवार होने के कारण नामांकन कार्यालय बंद रहेंगे। ऐसे में प्रत्याशी 27, 29 और 31 अगस्त को नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे।
नई व्यवस्था में नामांकन कार्यालय वार्ड समूहों के आसपास ही रखे गए हैं। इससे प्रत्याशियों और उनके प्रस्तावकों को नामांकन दाखिल करने के लिए कम दूरी तय करनी पड़ेगी।
साथ ही एक ही जगह हजारों समर्थकों और प्रत्याशियों की भीड़ जमा होने की संभावना कम होगी। प्रशासन को ट्रैफिक, सुरक्षा और नामांकन प्रक्रिया की निगरानी भी आसान होगी।
नामांकन के लिए उपलब्ध तीन दिनों में अंतिम तारीख 31 अगस्त है। ऐसे में बड़ी संख्या में प्रत्याशियों के अंतिम दिन नामांकन दाखिल करने पहुंचने की संभावना है।
प्रशासन के लिए चुनौती होगी कि सभी 15 नामांकन कार्यालयों पर पर्याप्त स्टाफ, सुरक्षा और दस्तावेज जांच की व्यवस्था समय पर सुनिश्चित की जाए।