



जयपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने शुक्रवार सुबह जयपुर में निरंजन पब्लिक स्कूल के संचालक रवि पहाड़िया से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की। बताया जा रहा है कि ईडी को विदेश से आई कथित फंडिंग और उसके उपयोग को लेकर शिकायत मिली थी। जांच का केंद्र अमेरिका और यूरोप से आए करीब 3 करोड़ रुपए के लेन-देन तथा कथित धर्मांतरण गतिविधियों से जुड़े आरोप बताए जा रहे हैं।
ईडी की टीम सुबह करीब 5 बजे रवि पहाड़िया के घर, स्कूल और छह से अधिक ठिकानों पर पहुंची। सर्च के दौरान संबंधित दस्तावेज, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्य खंगाले गए।
रवि पहाड़िया का स्कूल जयपुर के झालाना क्षेत्र में बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि विदेशों से फंडिंग के लिए ‘Children of Hope School’ नाम से एक वेबसाइट संचालित की जा रही थी।
ईडी इस बात की जांच कर रही है कि निरंजन पब्लिक स्कूल और Children of Hope School के बीच क्या संबंध है और विदेशों से प्राप्त धन का वास्तविक उपयोग कहां और किस उद्देश्य से किया गया।
ईडी सूत्रों के मुताबिक, रवि पहाड़िया से जुड़े बैंक खातों में विदेश से रकम आने की जानकारी एजेंसी के संज्ञान में आई थी। प्रारंभिक जांच के बाद कथित विदेशी फंडिंग से जुड़े लेन-देन को लेकर करीब डेढ़ महीने पहले FEMA के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच में अमेरिका और यूरोप से करीब 3 करोड़ रुपए की फंडिंग आने की बात सामने आने के बाद एजेंसी ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाया।
आरोप है कि विदेश से आई फंडिंग का इस्तेमाल कथित तौर पर धर्मांतरण से संबंधित गतिविधियों में किया गया। ईडी फिलहाल इन आरोपों की वित्तीय कड़ी और लेन-देन की प्रकृति की जांच कर रही है।
एजेंसी को रवि पहाड़िया के चर्च में आने-जाने से संबंधित जानकारी भी मिली है, जिसकी भी जांच की जा रही है। हालांकि, धर्मांतरण से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
सर्च के दौरान ईडी की टीम ने रवि पहाड़िया और उनकी पत्नी से भी पूछताछ की। बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जांच के लिए जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है।
एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विदेश से पैसा किन व्यक्तियों या संस्थाओं से आया, किन खातों में ट्रांसफर हुआ और आगे उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।
बताया जा रहा है कि रवि पहाड़िया पिछले करीब सात वर्षों से स्कूल का संचालन कर रहे हैं। ईडी अब स्कूल से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, विदेशी फंडिंग के स्रोत और खर्च की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है।
मामले में फिलहाल जांच जारी है और आगे दस्तावेजों तथा डिजिटल साक्ष्यों के परीक्षण के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।