



जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन शुक्रवार को प्रश्नकाल शुरू होने से पहले ही विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जोरदार हंगामा हो गया। स्थिति बिगड़ती देख विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। हंगामे की शुरुआत नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बयान से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 अगस्त को कांग्रेस विधायकों को विधानसभा के मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं करने दिया गया। जूली ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
टीकाराम जूली ने कहा कि 20 अगस्त को सदन में सत्ता पक्ष की ओर से कांग्रेस विधायकों पर कई तरह के आरोप लगाए गए, जो गलत हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण चाहती है और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने नेता प्रतिपक्ष से प्रश्नकाल चलने देने की अपील की, लेकिन सदन में शोर-शराबा जारी रहा।
सत्ता पक्ष की ओर से संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डाल रही है और सदन की कार्यवाही चलने नहीं देना चाहती। इसके बाद सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने भी विपक्ष पर निशाना साधा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने से सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
हंगामे के दौरान सत्ता पक्ष की ओर से राहुल गांधी को लेकर नारेबाजी भी की गई। इसके बाद सदन में शोर बढ़ता गया और प्रश्नकाल की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। लगातार हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करने की घोषणा कर दी।
मानसून सत्र के दूसरे और अंतिम दिन की शुरुआत ही तीखे राजनीतिक टकराव से हुई है। ऐसे में आगे की कार्यवाही में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी बने रहने के आसार हैं।