



जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस विधायकों और नेताओं को विधानसभा के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा और गेट नंबर-6 पर ताले लगा दिए गए हैं।
डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा विभाग में कथित भ्रष्टाचार, शिक्षा मंत्री की कार्यशैली, सरकार की विफलताओं, कृषि से जुड़े कथित घोटालों और चिकित्सा व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर सदन में चर्चा करना चाहती है।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में गंभीर अव्यवस्थाएं हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के तबादलों से लेकर स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं तक कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के करीब 3 हजार स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, जबकि कई स्कूलों में टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में विद्यार्थी परेशान हैं, लेकिन सरकार वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय विपक्ष और मीडिया को रोकने में लगी है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने शिक्षा विभाग में तबादलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने पैसे लेकर ट्रांसफर करने और हाईकोर्ट में कैविएट दायर किए जाने जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए सरकार से जवाब मांगा। डोटासरा ने कहा कि विपक्ष इन सभी मामलों पर विधानसभा के भीतर चर्चा करना चाहता है, लेकिन सरकार उन्हें रोकने का प्रयास कर रही है।
जब डोटासरा से पूछा गया कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने स्कूलों में मीडिया की एंट्री पूरी तरह बंद नहीं की है, तो उन्होंने मंत्री पर तीखी टिप्पणी की। डोटासरा ने दिलावर की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में RSS का प्रभाव बढ़ाया जा रहा है और स्कूलों के भीतर संगठन से जुड़े कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। डोटासरा ने दावा किया कि स्कूल परिसरों में RSS से जुड़े लोग परीक्षाएं और अन्य गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सरकार या शिक्षा मंत्री की तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस जिस तरह शिक्षा विभाग, सरकारी स्कूलों की स्थिति और मंत्री की कार्यशैली को लेकर लगातार हमलावर है, उससे साफ है कि मानसून सत्र में शिक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठ सकते हैं। विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन और गेट पर रोक के आरोपों के बाद कांग्रेस सरकार को सदन के भीतर भी इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है।