



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश कार्यालय में नव नियुक्त प्रकोष्ठ पदाधिकारियों का अभिनंदन एवं आभार कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रवासी प्रकोष्ठ और व्यवसायिक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त पदाधिकारियों का पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया और उन्हें नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में प्रवासी प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक अनिल जोशी तथा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के नवनियुक्त संयोजक सुनील झवर, सह संयोजक डॉ. शायर सिंह, डॉ. रमेश भंसाली और नीता बूचरा का स्वागत किया गया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार, प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी, भूपेंद्र सैनी, कैलाश मेघवाल, मिथलेश गौतम तथा प्रकोष्ठ प्रभारी विजेंद्र पुनिया सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को पार्टी का दुपट्टा पहनाकर उनका स्वागत किया। साथ ही उन्हें नवीन दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं। नवनियुक्त पदाधिकारियों ने भी पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने वरिष्ठ नेताओं को गुलदस्ता भेंट किया और संगठन की ओर से मिली जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाने का भरोसा दिलाया।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन पर जो विश्वास जताया है, उसे वे संगठनात्मक कार्यों के माध्यम से मजबूत करेंगे। उन्होंने भाजपा की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने और संगठन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए सक्रियता से काम करने का संकल्प लिया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रवासी और व्यवसायिक वर्ग को संगठन से जोड़ने में दोनों प्रकोष्ठ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। प्रदेश नेतृत्व ने विश्वास जताया कि अनिल जोशी के नेतृत्व में प्रवासी प्रकोष्ठ देश-विदेश में रहने वाले प्रवासी राजस्थानियों से संवाद स्थापित करेगा और उन्हें संगठन से जोड़ने का कार्य करेगा। साथ ही पार्टी की विचारधारा को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में भी प्रकोष्ठ की अहम भूमिका रहेगी।
व्यवसायिक प्रकोष्ठ को लेकर पार्टी नेतृत्व ने कहा कि सुनील झवर के नेतृत्व में व्यापारिक और व्यवसायिक वर्ग के साथ भाजपा का संवाद और समन्वय और मजबूत होगा। भाजपा नेताओं ने कहा कि संगठन की मजबूती कार्यकर्ताओं के समर्पण और सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपने-अपने प्रकोष्ठों को सक्रिय, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने के लिए काम करने का आह्वान किया गया।