



सुल्तानपुर और इटावा में माताओं-बहनों से मिले लोकसभा अध्यक्ष, 750 गांवों तक शुद्ध पेयजल, डिजिटल लाइब्रेरी और महिलाओं के रोजगार पर जोर
कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रक्षाबंधन के अवसर पर 19 अगस्त को कोटा जिले के सुल्तानपुर और इटावा क्षेत्रों में माताओं-बहनों और क्षेत्रवासियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों को क्षेत्रवासियों को समर्पित किया और क्षेत्र में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी।
ओम बिरला ने कहा कि क्षेत्र में करीब 5000 करोड़ रुपये की लागत से सड़क, सिंचाई, पेयजल, स्वास्थ्य, खेल और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार से जुड़े काम लगातार जारी हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि नोनेरा बांध से कोटा-बूंदी क्षेत्र के करीब 750 गांवों में घर-घर शुद्ध पेयजल पहुंचाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या को स्थायी रूप से दूर करना प्राथमिकता में है और इसी उद्देश्य से बड़े स्तर पर पेयजल परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
ओम बिरला ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि बहनों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संकल्प लेने का अवसर भी है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को घर बैठे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ‘सुपोषित मां’ अभियान के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना समाज के समग्र विकास के लिए जरूरी है और इस दिशा में सामुदायिक भागीदारी को भी मजबूत किया जा रहा है।
ओम बिरला ने बेटियों की शिक्षा को लेकर भी बड़ी बात कही। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण किया जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर छात्राओं को डिजिटल और आधुनिक शिक्षा के संसाधन मिल सकें। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की बेटियों को बेहतर शिक्षा, तकनीक और ज्ञान से जोड़ना समय की जरूरत है।
ओम बिरला ने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्यों का दायरा केवल पेयजल तक सीमित नहीं है। सड़क, सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए भी कई परियोजनाएं जारी हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से विकास की सुविधाएं पहुंचाना है।