



जयपुर। राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र से पहले गुरुवार को विधानसभा के बाहर सियासी माहौल गरमा गया। स्कूलों में मीडिया एंट्री बैन के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस विधायकों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। कांग्रेस विधायक विधानसभा परिसर के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया।
इसके बाद कांग्रेस विधायक और नेता विधानसभा के बाहर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारी विधायकों ने शिक्षा विभाग के फैसले का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
इससे पहले कांग्रेस विधायक सुबह त्रिमूर्ति सर्किल स्थित पोद्दार मूक-बधिर स्कूल पहुंचे। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की अगुवाई में कांग्रेस विधायकों ने स्कूल में मीडिया प्रवेश से जुड़े मुद्दे और सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद कांग्रेस विधायक दल पोद्दार मूक-बधिर स्कूल से पैदल मार्च करते हुए विधानसभा की ओर रवाना हुआ। विधानसभा के पास पहुंचते ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर विधायकों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश की तो पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने राज्य सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की। इसके बाद विधायक बैरिकेड्स के पास ही धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति को जनता और मीडिया से छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष ने शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में मीडिया कवरेज को लेकर लगाए गए प्रतिबंधों का विरोध करते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। मानसून सत्र के पहले ही दिन इस प्रदर्शन के बाद स्कूलों और शिक्षा विभाग से जुड़े मुद्दों पर सदन के भीतर भी हंगामा होने के आसार बढ़ गए हैं।