



नीमकाथाना। राजस्थान में नगर निकाय और जिला प्रमुख पदों के आरक्षण की लॉटरी निकलने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया अगले चरण की ओर बढ़ रही है। नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि नगर निकाय एवं पंचायती राज चुनावों की तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी, जिसके बाद आयोग चुनाव कार्यक्रम घोषित करेगा।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा शुक्रवार दोपहर नीमकाथाना पहुंचे। यहां उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री बनाए जाने पर राजेश गुर्जर नारदा के अभिनंदन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने आगामी निकाय-पंचायत चुनाव, प्रत्याशी चयन, पेपर लीक और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
खर्रा ने बताया कि नगर निकायों में अध्यक्ष पदों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जा चुकी है। अब 17 अगस्त को वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके बाद 18 या 19 अगस्त को आरक्षण की सूची निर्वाचन आयोग को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव की तारीख घोषित की जाएगी।
मंत्री ने कार्यकर्ताओं और आमजन से चुनाव में विकास को प्राथमिकता देते हुए योग्य उम्मीदवारों का चयन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन तभी संभव होगा, जब विकास गांव और ढाणी तक पहुंचे।
निकाय और पंचायती राज चुनावों में नए चेहरों को मैदान में उतारने के सवाल पर खर्रा ने कहा कि भाजपा योग्य और सक्रिय कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर देती है। युवा, महिलाएं और वरिष्ठ कार्यकर्ता, जो लंबे समय से आमजन के बीच सक्रिय हैं, सभी को पार्टी में आगे आने का मौका मिलेगा।
पेपर लीक के मुद्दे पर मंत्री खर्रा ने कहा कि राज्य सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में अब तक 600 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
खर्रा ने कहा कि पिछले 31 महीनों के दौरान आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करवाया गया है। सरकार का प्रयास है कि मेहनत करने वाले युवाओं के हितों के साथ किसी तरह का खिलवाड़ न हो।
ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों को लेकर खर्रा ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले कई स्थानों पर मनरेगा के तहत केवल मिट्टी को एक जगह से दूसरी जगह डालने जैसे कार्य होते थे। अब केंद्र सरकार की 'विकसित भारत जी-राम-जी' योजना के माध्यम से गांवों में स्थायी और पक्के निर्माण कार्यों पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में ऐसी कोई ग्राम पंचायत नहीं होगी, जहां पक्के निर्माण कार्य नहीं हों। खर्रा ने यह भी कहा कि इस योजना के तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में हर साल करीब 80 करोड़ रुपए का बजट उपलब्ध कराया जाएगा।