Wednesday, 12 August 2026

‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को राजस्थान के हर कोने तक पहुंचाने में मीडिया निभाए सक्रिय भूमिका


‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को राजस्थान के हर कोने तक पहुंचाने में मीडिया निभाए सक्रिय भूमिका

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पीआईबी जयपुर की मीडिया कार्यशाला में एनसीबी, सीबीएन और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मंथन, राजस्थान में जुलाई 2026 तक करीब 5 हजार मादक पदार्थ मामले दर्ज

जयपुर। पत्र सूचना कार्यालय जयपुर की ओर से बुधवार को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ विषय पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रधानमंत्री द्वारा 2 अगस्त 2026 को शुरू किए गए 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी अभियान को राजस्थान के प्रत्येक कोने तक पहुंचाने में मीडिया की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और विशेष रूप से युवाओं में नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो, सीजीएचएस, माय भारत और पत्र सूचना कार्यालय के अधिकारियों ने नशे की रोकथाम, युवाओं में जागरूकता, पुनर्वास और ड्रग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।

‘नशा केवल कानूनी नहीं, सामाजिक समस्या भी’

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एनसीबी के जोनल डायरेक्टर अभिषेक नारायण सिन्हा ने कहा कि नशा केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक चुनौती भी है।

उन्होंने बताया कि गृह मंत्रालय ने जून 2026 में ‘विजन डॉक्यूमेंट ऑन नारकोटिक्स कंट्रोल 2026-2029’ लॉन्च किया है। इस तीन वर्षीय रोडमैप का लक्ष्य खुफिया आधारित अभियानों, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के बेहतर समन्वय के माध्यम से ड्रग नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करना है।

राजस्थान में 4 हजार किलो ड्रग नष्ट करने का दावा

अभिषेक नारायण सिन्हा ने बताया कि राजस्थान में एनसीबी के जयपुर और जोधपुर में दो प्रमुख कार्यालय हैं। राजस्थान पुलिस सहित विभिन्न एजेंसियों के सहयोग से प्रदेश में अब तक करीब 4 हजार किलोग्राम मादक पदार्थ बरामद कर नष्ट किए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में वर्ष 2025 में मादक पदार्थों से जुड़े 6,387 मामले दर्ज हुए थे, जबकि जुलाई 2026 तक करीब 5 हजार मामले दर्ज हो चुके हैं।

डार्क नेट और क्रिप्टो करेंसी पर भी नजर

एनसीबी ने मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में इस्तेमाल हो रहे नए माध्यमों पर भी चिंता जताई। अधिकारियों के अनुसार डार्क नेट और क्रिप्टो करेंसी जैसे माध्यमों के जरिए होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।

एनसीबी के हेल्पलाइन नंबर 1933 पर कोई भी व्यक्ति मादक पदार्थों से जुड़ी जानकारी साझा कर सकता है। प्रदेश में एनसीबी की विशेष अदालतों की संख्या भी 9 से बढ़ाकर 13 की गई है।

मुख्य अतिथि एनसीबी के जोनल डायरेक्टर अभिषेक नारायण सिन्हा पीआईबी जयपुर के निदेशक अनुभव बैरवा
मुख्य अतिथि एनसीबी के जोनल डायरेक्टर अभिषेक नारायण सिन्हा पीआईबी जयपुर के निदेशक अनुभव बैरवा

‘युवा शक्ति को नशे से बचाना जरूरी’

पीआईबी जयपुर के निदेशक अनुभव बैरवा ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है। लेकिन यही शक्ति नशे की गिरफ्त में आने पर कमजोर पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल नशे के नुकसान बताना नहीं, बल्कि ऐसा सकारात्मक वातावरण बनाना है जिसमें युवा शिक्षा, खेल, कौशल, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें।

उन्होंने मीडिया से नशा मुक्ति अभियानों, सफल पुनर्वास की कहानियों, विशेषज्ञों की सलाह और युवाओं की सकारात्मक उपलब्धियों को प्रमुखता देने की अपील की।

‘नशा केवल आदत नहीं, जटिल बीमारी’

सीजीएचएस जयपुर की डॉ. रेणु खंडेलवाल ने कहा कि नशे को केवल आदत के रूप में नहीं देखना चाहिए। यह एक जटिल बीमारी का रूप ले सकता है, जिसमें सामाजिक वातावरण, मनोवैज्ञानिक कारण और कई मामलों में आनुवंशिक कारक भी भूमिका निभा सकते हैं।

उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति के लिए डिटॉक्सीफिकेशन, मनोवैज्ञानिक सहायता, परिवार का सहयोग, ध्यान और योग जैसी प्रक्रियाएं उपयोगी हो सकती हैं।

‘ऑपरेशन युवा रक्षा’ के जरिए जागरूकता

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के सुपरिंटेंडेंट डी.के. सोथी ने बताया कि राजस्थान में नशे के खिलाफ छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई लगातार की जा रही है। पारंपरिक मादक पदार्थों के अलावा प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक दवाइयों और अवैध मेडिकल इंजेक्शन से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की गई है।

उन्होंने बताया कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए ‘ऑपरेशन युवा रक्षा’ शुरू किया गया है। इसके तहत स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास नुक्कड़ नाटक, जागरूकता रैली और अन्य गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

माय भारत करेगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम

माय भारत के सहायक निदेशक प्रदीप कुमार ने बताया कि युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए पूरे वर्ष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राजस्थान के सभी जिलों में कविता, भाषण और लोक नृत्य जैसी प्रतियोगिताओं के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और विजेताओं को राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली भेजा जाएगा।

‘जिंदगी को हां, नशे को ना’ की ली शपथ

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने ‘जिंदगी को हां, नशे को ना’ की शपथ ली और नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान में योगदान देने की प्रतिबद्धता दोहराई।

पीआईबी जयपुर के उप निदेशक धर्मेश भारती ने अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर पत्र सूचना कार्यालय जयपुर और केंद्रीय संचार ब्यूरो के अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद रहे।

‘जिंदगी को हां, नशे को ना’ की ली शपथ
‘जिंदगी को हां, नशे को ना’ की ली शपथ
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