Wednesday, 12 August 2026

राजस्थान में अचल संपत्ति लेन-देन की SFT रिपोर्टिंग होगी सख्त, आयकर विभाग ने पंजीयन-मुद्रांक अधिकारियों के साथ किया मंथन


राजस्थान में अचल संपत्ति लेन-देन की SFT रिपोर्टिंग होगी सख्त, आयकर विभाग ने पंजीयन-मुद्रांक अधिकारियों के साथ किया मंथन

ख़बर सुनिए:

0:00
0:00
Audio thumbnail

PAN सत्यापन, लेन-देन मूल्य की सही रिपोर्टिंग और समयबद्ध SFT फाइलिंग पर जोर; आयकर अधिनियम, 2025 के नए दायित्वों की दी जानकारी

जयपुर। राजस्थान में अचल संपत्ति के लेन-देन से जुड़ी वित्तीय रिपोर्टिंग को अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए आयकर निदेशालय (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण), राजस्थान ने पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वित्तीय लेन-देन विवरण (SFT) के तहत अचल संपत्ति के लेन-देन की रिपोर्टिंग में अनुपालन को मजबूत करना और डेटा की गुणवत्ता में सुधार करना रहा।

कार्यक्रम आयकर कार्यालय, एनसीआरबी, जयपुर में आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता आयकर निदेशक (आई एंड सीआई), राजस्थान प्रतिभा मीना ने की।

पंजीयन के समय PAN और पहचान विवरण की शुद्धता पर जोर

बैठक में पात्र अचल संपत्ति लेन-देन में PAN का अनिवार्य उल्लेख सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। क्रेता और विक्रेता के PAN तथा अन्य पहचान संबंधी विवरणों के प्रणाली-आधारित सत्यापन पर भी चर्चा हुई।

अधिकारियों ने कहा कि पंजीयन के समय लेन-देन मूल्य और अन्य आवश्यक सूचनाओं का सही अंकन जरूरी है, ताकि बाद में SFT रिपोर्टिंग में त्रुटियां और विसंगतियां कम से कम रहें।

SFT रिपोर्टिंग की पूर्णता और समयबद्धता की समीक्षा

विचार-विमर्श के दौरान SFT रिपोर्टिंग की पूर्णता, शुद्धता और समयबद्धता से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। अनुपालन में आने वाली कमियों की पहचान करने तथा स्रोत स्तर पर गलतियों को रोकने के उपायों पर भी मंथन हुआ। दोनों विभागों ने इस बात पर जोर दिया कि डेटा की गुणवत्ता में सुधार से वित्तीय सूचना रिपोर्टिंग अधिक प्रभावी हो सकेगी।

तकनीकी और प्रक्रियात्मक सुधारों पर चर्चा

कार्यक्रम में स्रोत स्तर पर त्रुटियां कम करने के लिए तकनीकी और प्रक्रियात्मक सुधारों की जरूरत पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने सिस्टम आधारित सत्यापन, डेटा एंट्री में शुद्धता और विभागों के बीच बेहतर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया।

पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के अधिकारियों को आयकर अधिनियम, 2025 के तहत नए और संशोधित रिपोर्टिंग दायित्वों तथा सिस्टम और फील्ड स्तर पर आवश्यक तैयारियों की जानकारी भी दी गई।

वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया हिस्सा

कार्यक्रम में महानिरीक्षक पंजीयन एवं मुद्रांक शरद मेहरा, मुख्य वित्तीय सलाहकार सूरज प्रकाश, अतिरिक्त महानिरीक्षक प्रशासन जयपुर विवेक कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के डीआईजी तथा आयकर निदेशालय के विभिन्न स्थानों पर कार्यरत अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी भाग लिया। आयकर विभाग की ओर से अपर आयकर निदेशक सोनिया महाजन, आयकर अधिकारी सुमित तिवारी, आयकर अधिकारी आशुतोष सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

तकनीक-सक्षम अनुपालन व्यवस्था विकसित करने पर सहमति

कार्यक्रम के अंत में दोनों विभागों ने अंतर-विभागीय समन्वय मजबूत करने, वित्तीय सूचना रिपोर्टिंग की गुणवत्ता सुधारने और राजस्थान में अचल संपत्ति लेन-देन के लिए एक सुदृढ़, सटीक और प्रौद्योगिकी-सक्षम अनुपालन व्यवस्था विकसित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

Previous
Next

Related Posts