



वैश्विक अर्थव्यवस्था, वित्तीय स्थिरता, विकास वित्त, सीमा पार भुगतान और डिजिटल करेंसी जैसे मुद्दों पर होगा मंथन
जयपुर। जयपुर में 12 अगस्त से ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हो रही है। बैठक में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी जयपुर पहुंचीं। इस दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था की मौजूदा चुनौतियों, वित्तीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
जयपुर पहुंचने पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का रेलवे स्टेशन पर उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने स्वागत किया।
बुधवार सुबह ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक का औपचारिक उद्घाटन सत्र आयोजित होगा। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा बैठक को संबोधित करेंगे।
इसके बाद वित्त मंत्रालयों और केंद्रीय बैंकों से जुड़े साझा मुद्दों पर संयुक्त सत्र होगा। इसमें सदस्य देशों के प्रतिनिधि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, वित्तीय नीतियों और केंद्रीय बैंकिंग से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। दोपहर में सभी प्रतिनिधियों का सामूहिक फैमिली फोटो सेशन होगा, जिसके बाद प्रतिनिधियों के लिए लंच का आयोजन किया जाएगा।
बैठक में हिस्सा लेने के लिए ईरान का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी विशेष विमान से जयपुर पहुंचा है। प्रतिनिधिमंडल में ईरान के केंद्रीय बैंक के गवर्नर डॉ. अब्दुल नासिर हिम्मती शामिल हैं।जयपुर पहुंचने पर ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फत्ताली और डिप्टी एम्बेसडर मोहम्मद जावेद हुसैनी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया।
बैठक का मुख्य उद्देश्य ब्रिक्स देशों के बीच व्यापक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करना है। बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य, वित्तीय स्थिरता, निवेश, विकास वित्त और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श होगा।
विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए पूंजी की उपलब्धता बढ़ाना, निजी निवेश को आकर्षित करना और विकास वित्त को मजबूत करना भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है।इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था में सुधार और विकासशील देशों की जरूरतों को वैश्विक वित्तीय निर्णय प्रक्रिया में बेहतर स्थान देने पर भी मंथन होगा।
बैठक में ब्रिक्स देशों के बीच फास्ट पेमेंट सिस्टम और केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। इसका उद्देश्य सीमा पार भुगतान को अधिक सुगम और कम लागत वाला बनाना है।
ब्रिक्स देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देना और रुपए के अंतरराष्ट्रीयकरण से जुड़े प्रयास भी व्यापक वित्तीय सहयोग के संदर्भ में महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे। जयपुर में आयोजित यह बैठक ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक और वित्तीय सहयोग को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।