



‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का भी प्रतीक बनेगा आयोजन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फहराएंगे तिरंगा और देश को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली। इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिलेगी। 15 अगस्त को पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समारोह की अगुवाई करेंगे, राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष का आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी विशेष रूप से रेखांकित करेगा। मंत्रालय ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के इतिहास में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह की मुख्य थीम ‘युवा शक्ति’ रहेगी। इसके माध्यम से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की यात्रा में युवाओं की भूमिका और योगदान को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
देश की बड़ी युवा आबादी को नवाचार, उद्यमिता, विज्ञान, तकनीक, शिक्षा, खेल और राष्ट्र निर्माण के विभिन्न क्षेत्रों से जोड़ते हुए उनके योगदान को समारोह में विशेष स्थान दिए जाने की तैयारी है।
परंपरा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद राष्ट्र को संबोधित करेंगे। अपने संबोधन में वे सरकार की उपलब्धियों, भविष्य की प्राथमिकताओं और विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़े विषयों पर देश के सामने अपनी बात रखेंगे।
‘वंदे मातरम्’ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का प्रमुख प्रतीक रहा है। इसके 150 वर्ष पूरे होने के अवसर को स्वतंत्रता दिवस समारोह से जोड़कर विशेष महत्व दिया जा रहा है।
लाल किले की प्राचीर से इसका गायन स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक भारत की राष्ट्रीय आकांक्षाओं को एक साथ जोड़ने वाला प्रतीकात्मक क्षण होगा।