



डिग्गी (टोंक)। राजस्थान पर्यटन विकास निगम की ओर से श्री कल्याणजी मंदिर, डिग्गी में कराए जा रहे विकास कार्य निर्धारित समय सीमा बीतने के बाद भी पूरे नहीं हो सके हैं। वर्क ऑर्डर के अनुसार विकास कार्य शुरू करने की तिथि 1 फरवरी 2026 तय की गई थी, जबकि कार्य पूर्ण करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित थी। इसके बावजूद अगस्त शुरू हो जाने के बाद भी निर्माण कार्य अधूरा बताया जा रहा है।
वर्क ऑर्डर में संबंधित एजेंसी को छह माह की अवधि में विकास कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए थे। अब निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद भी काम पूरा नहीं होने से आगामी डिग्गी कल्याणजी मेले की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डिग्गी स्थित श्री कल्याणजी मंदिर में मेले के दौरान राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में अधूरे निर्माण कार्य के चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण सामग्री, अधूरे रास्ते और अन्य विकास कार्य यदि मेले से पहले व्यवस्थित नहीं किए गए तो भीड़ के दौरान परेशानी बढ़ सकती है। सुरक्षा व्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं पर भी इसका असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मेले को ध्यान में रखते हुए विकास कार्य निर्धारित अवधि में पूरा किया जाना चाहिए था। समय पर काम पूरा होने से मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलतीं और मेले के दौरान प्रशासन को भी व्यवस्थाएं संभालने में आसानी होती।
लेकिन समय सीमा गुजरने के बाद भी काम अधूरा रहने से संबंधित एजेंसी और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कार्य में देरी किन कारणों से हुई और निर्धारित अवधि में निर्माण पूरा क्यों नहीं हो सका।
स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन से मांग की है कि मंदिर विकास कार्य की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक की जाए। साथ ही कार्य में हुई देरी के कारणों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए।
लोगों ने मांग की है कि मेले की शुरुआत से पहले शेष निर्माण और विकास कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए तथा जिन स्थानों पर काम पूरा होना संभव नहीं है, वहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
डिग्गी कल्याणजी मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। ऐसे में लाखों श्रद्धालुओं की संभावित मौजूदगी को देखते हुए अधूरे कार्य को जल्द पूरा करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।
