



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के पदक विजेता खिलाड़ी प्रदेश का गौरव हैं और युवाओं को उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अरुंधति चौधरी, यशवीर सिंह, राहुल शर्मा, मोना अग्रवाल और संध्या विश्नोई ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर भारत के साथ राजस्थान का नाम भी रोशन किया है।
मुख्यमंत्री शनिवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने खिलाड़ियों से उनकी तैयारियों और अनुभवों को लेकर संवाद किया तथा उन्हें प्रशस्ति पत्र और सम्मान राशि के चेक सौंपे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अरुंधति चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेलों में मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। वहीं, यशवीर सिंह ने भाला फेंक स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है।
उन्होंने कहा कि शूटिंग पैरा वर्ल्ड कप में राहुल शर्मा ने स्वर्ण पदक और मोना अग्रवाल ने कांस्य पदक जीता, जबकि संध्या विश्नोई ने अंडर-17 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा और सामर्थ्य का शानदार प्रदर्शन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों की सफलता के पीछे उनके प्रशिक्षकों, परिजनों और सहयोगियों का भी त्याग और समर्पण है। सभी खिलाड़ियों ने अपने परिश्रम और अनुशासन से विश्व मंच पर तिरंगा लहराकर राजस्थान को गौरवान्वित किया है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पदक विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया। अरुंधति चौधरी को प्रशस्ति पत्र के साथ 1 करोड़ रुपए का चेक सौंपा गया। वहीं, यशवीर सिंह को प्रशस्ति पत्र और 30 लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया।
मोना अग्रवाल, राहुल शर्मा और संध्या विश्नोई को भी प्रशस्ति पत्र एवं सम्मान राशि के चेक देकर सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए रिकॉर्ड स्तर पर आर्थिक सहयोग दिया गया है। अब तक प्रदेश के 3 हजार 540 खिलाड़ियों को करीब 52 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन एवं सहायता राशि स्वीकृत की जा चुकी है।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में भी प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, अब तक 186 खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जयपुर में करीब 101 करोड़ रुपए की लागत से महाराणा प्रताप खेलकूद विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। इससे प्रदेश में खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए स्पोर्ट्स लाइफ इंश्योरेंस स्कीम भी लागू की गई है। खेल उपकरणों की खरीद पर करीब 18 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 50 खेलो इंडिया केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां खिलाड़ियों को नियमित प्रशिक्षण, खेल सामग्री और प्रशिक्षकों की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सवाई मानसिंह स्टेडियम में एथलेटिक्स, तीरंदाजी और बॉक्सिंग के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं।
राजस्थान युवा नीति-2026 के जरिए युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, खेल और नेतृत्व विकास के नए अवसर तैयार किए गए हैं। एक जिला-एक खेल के माध्यम से प्रत्येक जिले में एक खेल को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है।
ओलंपिक में राजस्थान के खिलाड़ियों के बेहतर प्रदर्शन और पदक की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम भी शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को तलाशने और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए खेलो राजस्थान यूथ गेम्स का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से आने वाले वर्षों में राजस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में भी अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान बनाएगा। प्रदेश के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियाई खेल और विश्वस्तरीय प्रतियोगिताओं में भारत का तिरंगा लहराएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 का सफल आयोजन किया गया। सात शहरों में आयोजित इन खेलों में 222 विश्वविद्यालयों के करीब 7 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया। राजस्थान के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में कुल 60 पदक जीतकर देश में तीसरा स्थान हासिल किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों का मजबूत वातावरण तैयार हुआ है। गांवों से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जा रही है। खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण, उपकरण, चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मेहनत और अनुशासन के साथ अभ्यास करने वाला खिलाड़ी अपने से अधिक प्रतिभावान खिलाड़ी को भी पराजित कर सकता है। किसी खिलाड़ी की जीत में परिवार, कोच और खेल संघों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव युवा मामले एवं खेल विभाग प्रवीण गुप्ता सहित पदक विजेता खिलाड़ी, कोच, परिजन और बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी उपस्थित रहे।