



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जन अभाव अभियोग निराकरण समिति आमजन की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने, उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने और उसकी निगरानी करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर समिति के सदस्य सेवा भाव के साथ नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रियता से कार्य करें।
मुख्यमंत्री शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समिति सदस्यों के धन्यवाद एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु हैं। वे आमजन के जन अभाव और अभियोग का त्वरित समाधान कराने के साथ ही सरकारी योजनाओं के धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनता के लिए है, जनता के बीच है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश में जनसुनवाई की व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि महिला, युवा, किसान और गरीब सहित प्रत्येक वर्ग की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका निराकरण किया जा रहा है। इससे प्रदेश में सुशासन की संकल्पना को मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 181 राजस्थान संपर्क अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति की शिकायत राज्य सरकार तक पहुंचाने का प्रभावी और सशक्त माध्यम बनकर उभरा है।
उन्होंने बताया कि जून माह में करीब 4 लाख 97 हजार नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से करीब 4 लाख 90 हजार शिकायतों का निस्तारण किया गया। शिकायतों के समाधान की औसत अवधि घटकर अब केवल 12 दिन रह गई है।
उन्होंने कहा कि 181 के माध्यम से जन समस्याओं की समग्र निस्तारण दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे स्वयं भी संपर्क कॉल सेंटर पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं और उनके समाधान की प्रक्रिया सुनिश्चित करते हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल तकनीक का है। प्रदेश के नागरिक अब व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र सहित अनेक सरकारी सेवाओं का घर बैठे लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि डिजिटल राजस्थान के माध्यम से सुशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा रहा है। तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाओं को प्रत्येक व्यक्ति तक सहज और प्रभावी तरीके से पहुंचाने की दिशा में लगातार काम हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित राजस्थान का सपना तभी साकार होगा, जब शासन पारदर्शी, प्रशासन जवाबदेह और तकनीक का उपयोग प्रभावी तरीके से किया जाए। उन्होंने जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के सदस्यों से भी अपेक्षा की कि वे आमजन की समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ उठाएं और उनके त्वरित समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।
संवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों के समिति सदस्यों से जन अभाव अभियोग निराकरण एवं सतर्कता समिति के माध्यम से समस्याओं के समाधान से जुड़े उनके अनुभव भी जाने। इसके साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न जिलों के सदस्यों से चर्चा की।
इस अवसर पर विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सांसद मदन राठौड़ सहित विभिन्न जिलों में गठित समितियों के सदस्य उपस्थित रहे। वहीं सभी जिला मुख्यालयों से उपखंड समिति के सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।