



राज्य सरकार ने यूआईटी और विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर दिए अधिकार, सरकारी जमीन सीधे रीको को आवंटित होगी
जयपुर। राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं विनियोजन निगम यानी रीको को राज्य सरकार ने बड़े अधिकार दिए हैं। अब रीको आवासीय कॉलोनी, स्पेशल इकनॉमिक जोन (SEZ), फूड पार्क, हैंडीक्राफ्ट पार्क और इंडस्ट्रियल पार्क जैसे विशेष क्षेत्र विकसित कर सकेगा। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों, यूआईटी और विकास प्राधिकरणों की तर्ज पर रीको को इन क्षेत्रों की योजना बनाने और विकास से जुड़े अधिकार प्रदान किए हैं।
नई व्यवस्था के तहत विशेष जोन की पूरी प्लानिंग, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी और भूखंडों का आवंटन सहित संबंधित विकास कार्य रीको के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से रीको को सीधे जमीन आवंटित की जाएगी। राजस्व विभाग ने इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर राजस्थान भू-राजस्व (रीको में भूमि का अधिकार होना और निस्तारण) नियम-2026 लागू किए हैं।
अब तक रीको औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए मुख्य रूप से जमीन के अधिग्रहण यानी अवाप्ति की प्रक्रिया अपनाता था। इसके तहत किसानों या काश्तकारों से जमीन ली जाती थी और बदले में विकसित जमीन अथवा नकद मुआवजा दिया जाता था। यह प्रक्रिया लंबी होने और कानूनी अड़चनों के कारण कई बार नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में देरी होती थी।
नई व्यवस्था में सरकार ने सिवायचक सहित सरकारी जमीन को सीधे रीको को आवंटित करने का रास्ता खोल दिया है। इससे जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने और नए औद्योगिक तथा विशेष विकास क्षेत्रों को जल्द विकसित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अभी तक जब कोई ग्रामीण क्षेत्र जेडीए, यूआईटी या अन्य विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में शामिल होता है तो वहां की सरकारी जमीन संबंधित प्राधिकरण के नियंत्रण में आ जाती है। इसके बाद वही संस्था उस जमीन पर आवासीय योजना या अन्य विकास परियोजनाएं तैयार करती है। अब इसी तरह के अधिकार रीको को भी दिए गए हैं।
सरकार के इस फैसले से रीको की भूमिका केवल पारंपरिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने तक सीमित नहीं रहेगी। अब वह बहुउद्देश्यीय विकास क्षेत्र तैयार कर सकेगा, जिनमें उद्योगों के साथ आवासीय और अन्य सहायक सुविधाएं भी विकसित की जा सकेंगी। नई व्यवस्था का वास्तविक क्रियान्वयन संबंधित भूमि आवंटन, मास्टर प्लान और परियोजनाओं की मंजूरी के आधार पर होगा।