Thursday, 06 August 2026

सहारा के सील भवन खुलवाने के दबाव के आरोप, मीडियाकर्मियों की रिकवरी तीन महीने से अटकी


सहारा के सील भवन खुलवाने के दबाव के आरोप, मीडियाकर्मियों की रिकवरी तीन महीने से अटकी

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राष्ट्रीय सहारा के कर्मचारियों ने प्रशासनिक कार्रवाई में देरी पर जताई नाराजगी, एडीएम लखनऊ की कार्यशैली पर उठाए सवाल

लखनऊ। डीएलसी और अन्य सरकारी संस्थाओं के बकाये की वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद सील किए गए सहारा समूह के भवनों को लेकर प्रशासनिक हलकों में सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि एडीएम लखनऊ संबंधित तहसीलदार पर सील भवनों को खुलवाने के लिए दबाव बना रहे हैं।

हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

मीडियाकर्मियों का भुगतान अब भी लंबित

राष्ट्रीय सहारा से जुड़े मीडियाकर्मियों का कहना है कि उनके पक्ष में रिकवरी आदेश जारी हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भुगतान नहीं मिला है।

कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से रिकवरी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। इसके चलते लंबे समय से बकाया वेतन और अन्य देयों का भुगतान अटका हुआ है।

आर्थिक और मानसिक परेशानी का दावा

मीडियाकर्मियों ने कहा कि भुगतान में लगातार देरी से उन्हें आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई कर्मचारियों की आजीविका और पारिवारिक खर्च इन बकायों पर निर्भर हैं। उनका कहना है कि रिकवरी सर्टिफिकेट जारी होने के बाद प्रशासन को वसूली की प्रक्रिया तेजी से पूरी करनी चाहिए थी।

सील भवनों को लेकर उठे सवाल

मामले से जुड़े पक्षों का दावा है कि सहारा समूह की संपत्तियों को बकाया वसूली के उद्देश्य से सील किया गया था। ऐसे में यदि इन भवनों को बिना रिकवरी सुनिश्चित किए खोलने की कोशिश की जाती है, तो इससे वसूली प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि सील खोलने की किसी भी कार्रवाई से पहले संबंधित सरकारी बकाये और कर्मचारियों के दावों की स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं की जा रही।

एडीएम की कार्यशैली पर आरोप

मीडियाकर्मियों ने एडीएम लखनऊ की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एक ओर कर्मचारियों की रिकवरी लंबित है, वहीं दूसरी ओर सील भवनों को खुलवाने में अधिक रुचि दिखाई जा रही है।

यह आरोप संबंधित पक्षों के बयान पर आधारित है। एडीएम अथवा जिला प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रिकवरी प्रक्रिया तेज करने की मांग

मीडियाकर्मियों ने जिला प्रशासन से रिकवरी आदेशों का तत्काल पालन कराने और सहारा समूह से बकाया राशि वसूलकर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों की समयबद्ध समीक्षा होनी चाहिए और वसूली में हुई देरी के कारणों को भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

प्रशासनिक जवाब का इंतजार

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि सील भवनों को खोलने के संबंध में कोई लिखित आदेश जारी हुआ है या केवल मौखिक दबाव का आरोप लगाया गया है।

रिकवरी सर्टिफिकेट, सीलिंग आदेश, तहसील स्तर की कार्रवाई और प्रशासन के आधिकारिक जवाब के बाद ही आरोपों की वैधानिक और तथ्यात्मक स्थिति स्पष्ट होगी।

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