



यूजीसी के नए नियमों के विरोध में निकली रैली के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हुआ था टकराव; भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने दी अंतिम संस्कार की जानकारी
जयपुर। यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने सहित विभिन्न मांगों को लेकर जयपुर में निकाली गई श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना और सवर्ण समाज के संगठनों की रैली के दौरान घायल बताए गए देवराज सिंह की उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को जयपुर में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
भाजपा नेता विजय सिंह पलाड़ा ने देवराज सिंह की मौत और अंतिम संस्कार की जानकारी दी। मृतक डीडवाना-कुचामन जिले के पलाड़ा गांव का रहने वाला बताया गया है।
प्रदर्शन से जुड़े पक्ष का दावा है कि देवराज सिंह सोमवार को पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल हुए थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शाम करीब साढ़े पांच बजे उनकी मौत हो गई। हालांकि मृत्यु के चिकित्सकीय कारण और चोट लगने की परिस्थितियों पर पुलिस, अस्पताल या प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट सामने आना बाकी है।
सोमवार को श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, राष्ट्रीय हिंदू महासभा और सवर्ण समाज से जुड़े अन्य संगठनों ने झोटवाड़ा के कालवाड़ रोड स्थित रावण गेट से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली थी।
रैली में राजस्थान के कई जिलों से आए लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी यूजीसी के नए नियमों को वापस लेने के साथ सवर्ण समाज से जुड़ी अन्य मांगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
रैली को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने सबसे पहले 200 फीट एक्सप्रेस पुलिया के नीचे बैरिकेड्स लगाए। प्रदर्शनकारी बैरिकेड्स पार कर आगे बढ़ गए।
इसके बाद चौमूं पुलिया तिराहा, अंबाबाड़ी तिराहा और पानीपेच तिराहा पर भी पुलिस ने रैली को रोकने का प्रयास किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट सर्किल तक पहुंच गए।
बताया गया है कि कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारी भाजपा प्रदेश कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी।
भीड़ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और बल प्रयोग किया था। प्रदर्शन से जुड़े संगठनों के अनुसार इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए।
देवराज सिंह के अंतिम संस्कार की सूचना सामने आ चुकी है, लेकिन यह अभी स्पष्ट नहीं है कि उनकी मृत्यु का चिकित्सकीय कारण क्या दर्ज किया गया और प्रदर्शन के दौरान लगी चोटों से उसका प्रत्यक्ष संबंध किस स्तर पर स्थापित हुआ।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट, अस्पताल के रिकॉर्ड और पुलिस की जांच के बाद ही मौत की परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकेंगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदर्शन के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठ सकती है।
देवराज सिंह की मौत के बाद करणी सेना और सवर्ण समाज से जुड़े संगठनों का विरोध तेज हो सकता है। संगठन पुलिस कार्रवाई की जांच, जिम्मेदारी तय करने और मृतक के परिवार को सहायता देने की मांग उठा सकते हैं।
इस मामले में पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।