



लोकसभा में हनुमान बेनीवाल के सवाल पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का लिखित जवाब
नई दिल्ली। राजस्थान के ‘जलियांवाला बाग’ के नाम से विख्यात मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को केंद्र सरकार ने स्वीकार नहीं किया है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल के लिखित जवाब में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल लंबित नहीं है।
केंद्र सरकार ने स्थल के निरीक्षण के आधार पर कहा है कि मानगढ़ धाम राष्ट्रीय स्मारक घोषित किए जाने के निर्धारित मानकों पर खरा नहीं उतरता। सरकार के अनुसार परिसर में बड़े स्तर पर आधुनिक विकास और निर्माण कार्य हो चुके हैं, जिनसे स्थल की पुरातात्विक विशेषताएं, प्रामाणिकता और मूल स्वरूप प्रभावित हुआ है।
केंद्रीय मंत्री के लिखित जवाब के अनुसार मानगढ़ धाम में हुए व्यापक आधुनिक बदलावों के कारण स्थल अपनी पुरातात्विक विशेषताओं और ऐतिहासिक अखंडता को पूरी तरह संरक्षित नहीं रख पाया है।
इसी आधार पर केंद्र ने कहा कि इसे राष्ट्रीय महत्व का संरक्षित स्मारक घोषित करने योग्य नहीं माना गया। इसलिए इससे संबंधित कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
यह स्थिति केंद्र सरकार के लिखित जवाब पर आधारित है। राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने के लिए पुरातात्विक महत्व, ऐतिहासिक प्रामाणिकता, संरचना की स्थिति और स्थल की अखंडता सहित कई मानकों का परीक्षण किया जाता है।
मानगढ़ धाम राजस्थान और गुजरात की सीमा से जुड़े आदिवासी क्षेत्र का महत्वपूर्ण ऐतिहासिक एवं आस्था स्थल है। इसे आदिवासी स्वतंत्रता आंदोलन और गोविंद गुरु से जुड़े बलिदान की स्मृति के रूप में जाना जाता है।
लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों द्वारा इसे राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा देने की मांग की जाती रही है।