



राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान मामले में दिया आदेश; सरकार ने अनुपालन के लिए मांगा था अतिरिक्त समय
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने आवारा कुत्तों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के पालन के लिए राज्य सरकार को एक सप्ताह का समय दिया है। अदालत ने यह निर्देश आवारा कुत्तों के मामले में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई के दौरान दिया।
मामले की सुनवाई जस्टिस इंद्रजीत सिंह और जस्टिस संदीप तनेजा की खंडपीठ ने की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत के पूर्व निर्देशों के अनुपालन के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया।
खंडपीठ ने राज्य सरकार की मांग पर न्यायमित्र का पक्ष भी सुना। इसके बाद अदालत ने सरकार को आदेशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दे दी। अब राज्य सरकार को निर्धारित अवधि में यह बताना होगा कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुपालन के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।
आवारा कुत्तों से जुड़े मामलों, नागरिक सुरक्षा और संबंधित प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर हाईकोर्ट ने स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लिया था। इस मामले में राज्य सरकार और स्थानीय निकायों की जिम्मेदारियों पर अदालत निगरानी कर रही है।
अदालत ने फिलहाल मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है। अगली सुनवाई में सरकार की अनुपालन रिपोर्ट के आधार पर आगे की दिशा तय हो सकती है।