



महावीर नगर के श्रीराम मंदिर से चांदी की लुटिया चोरी के मामले में बजाज नगर पुलिस की कार्रवाई
जयपुर। शहर के मंदिरों में दर्शन और पूजा के बहाने प्रवेश कर चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों पहले मंदिर में पूजा करते, फिर सीसीटीवी कैमरे की दिशा बदलकर कीमती सामान चोरी कर लेते और बाहर निकलने से पहले दोबारा भगवान को ढोक लगाते थे।
डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा के अनुसार महावीर नगर स्थित श्रीराम मंदिर से चांदी की लुटिया चोरी होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी।
श्रीराम मंदिर से जुड़े परिवादी सुरेश बंसल ने 23 जुलाई को बजाज नगर थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में मंदिर से चांदी की लुटिया चोरी होने की जानकारी दी गई।
मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली तथा संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास किया।
पुलिस के अनुसार जांच के आधार पर आरोपी हर्ष सिंह को 1 अगस्त की रात करीब आठ बजे जेएलएन मार्ग के पास से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद उसकी पत्नी निशिता कंवर को भी हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।
पुलिस दोनों से कथित चोरी की अन्य घटनाओं और चोरी किए गए सामान के संबंध में पूछताछ कर रही है।
बजाज नगर थानाधिकारी रामधन मीणा ने बताया कि आरोपी पति-पत्नी मंदिरों में सामान्य श्रद्धालुओं की तरह प्रवेश करते थे। आरोप है कि पूजा करने के बाद वे मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरे की दिशा बदल देते और मौका देखकर सामान चोरी कर लेते थे।
पुलिस का कहना है कि वारदात के बाद दोनों सामान्य व्यवहार करते हुए मंदिर से बाहर निकल जाते थे, जिससे उन पर तत्काल संदेह नहीं हो।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी हर्ष सिंह की उम्र 23 वर्ष है। हर्ष और निशिता कंवर मूल रूप से भांकरोटा स्थित लक्ष्मी विहार कॉलोनी के रहने वाले हैं।
दोनों वर्तमान में गोपालपुरा क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहे थे। पुलिस उनके पुराने रिकॉर्ड और अन्य मंदिरों में हुई चोरी की घटनाओं से संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
पुलिस को आशंका है कि आरोपी दंपती ने इसी तरीके से अन्य मंदिरों में भी चोरी की हो सकती है। पूछताछ के दौरान उनके आवागमन, मोबाइल लोकेशन और संदिग्ध घटनाओं से जुड़े साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है।
दोनों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। गिरफ्तारी को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।