



जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर के बाहर करीब दो किलोमीटर लंबी लाइन, ताड़केश्वर मंदिर में महाकाल की तर्ज पर हुई भस्म आरती
जयपुर। सावन के पहले सोमवार पर जयपुर के शिवालयों में सुबह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मंगला आरती के साथ मंदिरों के पट खुलते ही भगवान शिव के जलाभिषेक और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।
जयपुर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु गलता तीर्थ पहुंचे और वहां से कांवड़ एवं अन्य पात्रों में जल भरकर विभिन्न शिवालयों के लिए रवाना हुए। इस दौरान मंदिरों और प्रमुख मार्गों पर ‘हर-हर महादेव’ तथा ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे।
जयपुर के झारखंड महादेव मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। मंदिर के बाहर करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की लाइन देखी गई।
श्रद्धालु कतारबद्ध होकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अपनी बारी का इंतजार करते रहे। भीड़ को देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से प्रवेश और दर्शन व्यवस्था संभाली गई।
जयपुर के प्राचीन ताड़केश्वर महादेव मंदिर में भी बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर में सुबह चार बजे उज्जैन के महाकाल मंदिर की तर्ज पर भस्म आरती की गई।
पुजारी शक्ति व्यास के अनुसार मंदिर के पट सुबह 3 बजकर 45 मिनट पर खोल दिए गए थे। इसके बाद विशेष पूजा-अर्चना और अभिषेक का आयोजन हुआ।
पुजारी ने बताया कि सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर भगवान भोलेनाथ का 51 किलो देसी गाय के घी और 151 किलो दूध से अभिषेक किया गया। इसके साथ दही, शहद और शक्कर भी अर्पित की गई।
मंगला आरती के समय भगवान शिव का दूल्हे के स्वरूप में विशेष शृंगार किया गया। दर्शन के लिए मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही।
सावन सोमवार को देखते हुए प्रदेश के विभिन्न शिव मंदिरों में रुद्राभिषेक, दुग्धाभिषेक, भजन-कीर्तन और विशेष आरती का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि और प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
कई मंदिरों में भक्तों के लिए प्रसाद, पेयजल और कतार व्यवस्था की गई। दिनभर शिवालयों में पूजा-अर्चना और जलाभिषेक का क्रम जारी रहने की संभावना है।