



नगर निगम जयपुर का दावा—दुनिया का सबसे बड़ा पेट पिज्जा बनाया, वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन की तैयारी
जयपुर। जयपुर को रेबीज मुक्त और पेट फ्रेंडली शहर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम ने रविवार को पेट कार्निवाल का आयोजन किया। कार्यक्रम में कुत्तों और बिल्लियों के लिए 32 वर्गफीट आकार का विशेष पिज्जा तैयार किया गया। नगर निगम ने इसे दुनिया का सबसे बड़ा पेट पिज्जा होने का दावा किया है।
आठ फीट लंबा और चार फीट चौड़ा यह पिज्जा कार्यक्रम के दौरान छोटे-छोटे हिस्सों में काटकर अलग-अलग बॉक्स में पैक किया गया। इसके बाद पेट ऑनर्स को पिज्जा वितरित किया गया, जिन्होंने इसे अपने पालतू जानवरों को खिलाया।
नगर निगम जयपुर ने दावा किया कि कार्निवाल के दौरान एक ही दिन में 2000 से अधिक पालतू जानवरों का पंजीकरण किया गया। शाम तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी रही।
निगम अधिकारियों के अनुसार इससे पहले किसी शहर में एक ही दिन में इतने बड़े स्तर पर पालतू जानवरों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। हालांकि इस उपलब्धि की स्वतंत्र अथवा आधिकारिक रिकॉर्ड संस्था से पुष्टि अभी नहीं हुई है।
नगर निगम जयपुर ने 32 वर्गफीट के पेट पिज्जा और एक दिन में 1500 से अधिक पेट्स के पंजीकरण, दोनों उपलब्धियों को वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए प्रस्तुत करने की तैयारी शुरू की है।
जयपुर नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा ने कहा कि संबंधित रिकॉर्ड संस्थाओं के समक्ष आवेदन किया जाएगा। प्रमाण पत्र मिलने और दावे की औपचारिक पुष्टि होने के बाद ही इसे विश्व रिकॉर्ड घोषित किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा जयपुर को ऐसा शहर बनाने की है, जहां पालतू जानवरों के प्रति संवेदनशीलता हो और रेबीज जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
उन्होंने बताया कि पेट्स के रजिस्ट्रेशन से उनकी पहचान, टीकाकरण और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। इससे रेबीज नियंत्रण अभियान और पशु कल्याण से जुड़े प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
ओम कसेरा ने कहा कि फ्रेंडशिप डे पर पेट कार्निवाल आयोजित करने का विशेष महत्व है, क्योंकि पालतू जानवरों को मनुष्य का सबसे सच्चा मित्र माना जाता है।
उन्होंने पेट ऑनर्स से अपने जानवरों का पंजीकरण कराने, समय पर टीकाकरण करवाने और सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील की।
नगर निगम का कहना है कि पेट कार्निवाल केवल मनोरंजन का आयोजन नहीं, बल्कि पालतू जानवरों के स्वास्थ्य, पहचान और सुरक्षित देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल है।
निगम की ओर से रेबीज रोकथाम, पालतू पशुओं के पंजीकरण और जिम्मेदार पेट ओनरशिप को लेकर आगे भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।