



जयपुर। भारतीय जनता पार्टी की राजस्थान इकाई ने स्थानीय निकाय चुनाव-2026 के लिए घोषणा पत्र समिति का गठन किया है। पार्टी की ओर से जारी सूची में प्रदेश के विभिन्न जिलों से 13 वरिष्ठ नेताओं और पूर्व जनप्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
समिति में सांसद, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक, पूर्व महापौर और पूर्व सभापतियों को स्थान दिया गया है। समिति स्थानीय निकाय चुनावों के लिए शहरी विकास और जनसुविधाओं से जुड़े विषयों पर पार्टी का घोषणा पत्र तैयार करने में भूमिका निभाएगी।
जयपुर से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी को घोषणा पत्र समिति में शामिल किया गया है। झुंझुनूं से पूर्व सांसद संतोष अहलावत और जोधपुर से पूर्व राज्यसभा सांसद राजेंद्र कुमार गहलोत को भी जिम्मेदारी दी गई है।
सीकर से भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और जयपुर से पूर्व विधायक मोहनलाल गुप्ता समिति के सदस्य बनाए गए हैं।
घोषणा पत्र समिति में विभिन्न नगर निकायों का नेतृत्व कर चुके पूर्व महापौरों को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
जयपुर से पूर्व महापौर सौम्या गुर्जर, कोटा से पूर्व महापौर महेश विजयवर्गीय, उदयपुर से पूर्व महापौर गोविंद टांक और अजमेर से पूर्व महापौर बृजलता हाड़ा को समिति में शामिल किया गया है।
बीकानेर से पूर्व महापौर सुशीला राजपुरोहित को भी घोषणा पत्र तैयार करने वाली समिति में जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बांसवाड़ा से पूर्व सभापति कृष्णा कटारा और भीलवाड़ा से पूर्व सभापति राकेश शर्मा को समिति का सदस्य बनाया गया है। भरतपुर से पूर्व उपमहापौर गिरीश चौधरी भी समिति में शामिल किए गए हैं।
घनश्याम तिवाड़ी — सांसद, राज्यसभा, जयपुर
संतोष अहलावत — पूर्व सांसद, झुंझुनूं
राजेंद्र कुमार गहलोत — पूर्व राज्यसभा सांसद, जोधपुर
श्रवण सिंह बगड़ी — प्रदेश महामंत्री, सीकर
मोहनलाल गुप्ता — पूर्व विधायक, जयपुर
सौम्या गुर्जर — पूर्व महापौर, जयपुर
महेश विजयवर्गीय — पूर्व महापौर, कोटा
गोविंद टांक — पूर्व महापौर, उदयपुर
बृजलता हाड़ा — पूर्व महापौर, अजमेर
सुशीला राजपुरोहित — पूर्व महापौर, बीकानेर
कृष्णा कटारा — पूर्व सभापति, बांसवाड़ा
राकेश शर्मा — पूर्व सभापति, भीलवाड़ा
गिरीश चौधरी — पूर्व उपमहापौर, भरतपुर
समिति से प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिकाओं से जुड़े स्थानीय विषयों पर सुझाव लेने की अपेक्षा होगी। सफाई, पेयजल, सीवरेज, सड़क, परिवहन, पार्किंग, नगरीय आवास और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दे स्थानीय निकाय चुनावों के घोषणा पत्र का हिस्सा बन सकते हैं।
पार्टी ने अलग-अलग जिलों और निकायों का अनुभव रखने वाले नेताओं को शामिल कर क्षेत्रीय मुद्दों को घोषणा पत्र में स्थान देने का प्रयास किया है।
